तीन ठगों ने एक सुनार को ठगने की कोशिश की, लेकिन उनकी यह चालाकी काम नहीं आई। चौकन्ने सुनार ने इन ठगों की कारस्तानी पकड़ ली। हालांकि इन ठगों ने सुनार से दस हजार रुपये ले लिए थे, लेकिन अगले दिन बाकी रकम लेने आए ठगों का पर्दाफाश हो गया। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने इन तीनों ठगों को काबू कर लिया। मुलाना के बीच बाजार में साहिल वर्मा सुनार की दुकान करता है। बीते दो दिन पहले उसके पास एक युवक आया और उसने कहा कि उसके पास चांदी के सिक्के हैं, तुम चाहो तो खरीद सकते हो। उसने कई सिक्के दिखाए भी। योजना के अनुसार पहले से ही उसके पास एक लड़का दीपक बैठा था जो पहले भी कई बार आ चुका था। जैसे ही साहिल वर्मा ने कहा कि वह चांदी के सिक्के नहीं लेगा, लेकिन दीपक ने उसी समय तपाक से कहा कि साहिल तुम सिक्के खरीद लो मैं ये जल्द ही मुनाफा देकर बिकवा सकता हूं। बस साहिल का दिमाग बदल दिया। इतने में युवक ने कहा कि उसके पास करीब चांदी के 150 सिक्के हैं, जो महारानी विक्टोरिया के जमाने के हैं। साहिल सिक्के लेने के लिए तैयार हो गया। साहिल ने दस हजार रुपये बतौर पेशगी दिए और सौदा 1.95 लाख रुपये में तय हो गया। इस सौदेबाजी में साहिल को थोड़ा शक हो गया। उसने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। जैसे ही यह युवक अगले दिन आए तो पुलिस ने इन तीनों को काबू कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में इन तीनों की निशानदेही पर तीनों को नकली चांदी के सिक्कों सहित पकड़ लिया। मुलाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी।