अंबाला। जर्मनी भेजने के नाम पर बराड़ा निवासी प्रवीन कुमार से 13.49 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने धोखे से जर्मनी की जगह मॉस्को, बेलारूस और फिर कजाकिस्तान भेज दिया। इस दौरान दो बार बेलारूस की आर्मी ने भी बॉर्डर पार करते हुए पकड़ लिया। आरोपियों ने पैसे लेने के बाद भी जर्मनी नहीं भेजा। आखिर में भारत लौटने के बाद व्यक्ति ने पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर श्रीराम, कर्मचंद, विनोद कुमार, एसके व एक अन्य औरत के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में सुभरी गांव निवासी प्रवीन कुमार ने बताया कि वह ड्राइवर है और टैक्सी स्टैंड गांव उगाला में बैठता है। आरोपी यूएसए अमेरिका में पक्का है और ज्यादातर भारत में रहता है। वह गाड़ियों का काम भी करता है। जुलाई अगस्त 2022 में बताया कि वह विदेश में भेजने का कार्य कई वर्षों से कर रहे हैं। पैसे कमाने का लालच देते हुए बोले कि वह कानूनी तरीके से जर्मनी में भेज देंगे। उस समय 18 लाख रुपये मांगे और कहा कि जर्मनी भिजवाने की सारी कार्यवाही में तीन महीने का समय लगेगा। 13 लाख पहले देने होंगे और बाकी बाद में। करीब सात लाख रुपये लेने के बाद सभी दस्तावेज पूरे होने पर बोले कि तुम्हारी फ्लाइट है। बकाया पैसे तुम अपनी पत्नी को दे देना, हम उससे ले लेंगे।
18 नवंबर 2022 को आरोपी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली में जर्मनी जाने के लिए छोड़ आया। उस समय जर्मनी की जगह रसिया का वीजा मिला। आरोपियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह रसिया से जर्मनी भिजवा देंगे। बाद में मॉस्को में उतार दिया। आरोपियों ने पत्नी को कहा कि उन्होंने उसे भिजवा दिया और पांच लाख रुपये और ले लिए। बाद में मॉस्को से बेलारूस - पौलेंड बार्डर पर ले जाकर बार्डर क्रॉस करवाने की कोशिश की।
बेलारूस की आर्मी ने दो बार पकड़ा, फिर भेजा कजाकिस्तान
शिकायतकर्ता ने बताया कि बेलारूस की आर्मी ने उसे पकड़ लिया और मुझको वापस भेज दिया। इसके बाद आरोपियों के साथियों से दोबारा भारत भिजवाने को कहा। उन्होंने कहा कि तुम चिंता मत करो, हम तुमको सही सलामत जर्मनी भिजवा देंगे। बैलारूस-लथुआनिया बार्डर की तरफ से मुझको जर्मनी भेजने के लिए बार्डर पार करवाने की कोशिश की फिर बेलारूस आर्मी ने पकड़ कर वापिस भेज दिया। बाद में आरोपियों ने दूसरे रूट से कजाकिस्तान भेज दिया। वहां पर जर्मनी की फ्लाइट के लिए 1 लाख 35 हजार रुपये और मांग लिए। 28 दिन रखा मगर हर रोज आरोपी गुमराह करते रहे। इस तरह से आरोपियों ने 13 लाख 49 हजार रुपये ठग लिए। भारत लौटने पर पैसे मांगे तो वो भी नहीं दिए। पंचायत में फैसले के बाद भी नहीं देने के बाद धमकी देने लगे।
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