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सावधान : कैंसर का सबब बन रहे तंबाकू, सिगरेट गुटखा, इन्हें कहें ना

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अंबाला। तंबाकू, सिगरेट और गुटखा के सेवन से अब युवा को मुंह और गले के कैंसर हो रहा है। जागरूकता के अभाव में इसकी गिरफ्त में आने वाले मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इसका अंदाजा अटल कैंसर केयर केंद्र में तंबाकू के सेवन के कारण रोजाना आने वाले मरीजों से लगाया जा सकता है।
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आंकड़ों की बात करें तो एक साल में करीब 400 मरीज आ चुके हैं। किसी को गंभीर तो किसी को कैंसर की शुरुआत के लक्षण हैं। चिकित्सकों की मानें तो करीब चार माह में ही मुंह, जीभ, जबड़े से जुड़े कैंसर मरीजों की 50 छोटी-बड़ी सर्जरी की जा चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह एक साल में करीब 500 लोगों के सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान आदि के चालान काट चुके हैं लेकिन अटल कैंसर में 100 में से 60 प्रतिशत तंबाकू के कारण होने वाले कैंसर मरीजों के आने के ग्राफ को देखकर लगता है कि जागरूकता का आभाव है। जबकि चालान कटने का आंकड़ा भी इसके सामने बिल्कुल बोना साबित हो रहा है।
मुख कैंसर के लक्षण
- मुख में छाला या गांठ जो लंबे समय से ठीक नहीं हो रही हो।
- छाला जिसको हाथ लगाने पर खून आता हो।
- मुख में खुरदरापन लगना।
- गाल पर सूजन या गांठ।
- मुंह खुलने में या खाना खाने में दर्द या परेशानी।

- जबड़े में सूजन या गांठ।
- मुख से बार-बार खून आना।
ये भी हैं तंबाकू के दुष्प्रभाव

- बालों का झड़ना
- मोतियाबिंद

- दांत में सड़न
- फेफड़ों का कैंसर

- दिल की बीमारी

- पेट का अल्सर

तंबाकू से कमजोर हो रहे फेफड़े

चिकित्सकों के मुताबिक तंबाकू का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर हो रहा है। इसके कारण फेफड़े कमजोर हो रहे हैं। कोरोना महामारी ने यह दर्द ज्यादा और बढ़ाया है। तंबाकू का सेवन करने वालों पर कोरोना होने पर फेफड़ों पर दोगुना असर हुआ है। रोजाना ओपीडी में 10 से 15 केस सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर आ रहे हैं। यही ही नहीं तंबाकू के कारण हृदय की बीमारी भी बढ़ रही है।
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वर्जन

अटल कैंसर अस्पताल में सबसे ज्यादा तंबाकू के कारण मुंह, जीभ, जबड़े, खाने की नली के कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। बात करें तो 100 में से 60 प्रतिशत इसी कैंसर के हैं। पिछले 4 माह में करीब 50 मरीजों की छोटी-बड़ी सर्जरी हो चुकी है। इतना ही नहीं कई मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही दवा देकर ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। सबसे ज्यादा लोगों को तंबाकू के प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि वह अपने आने वाले कल को सुरक्षित रख सके।
डॉ. अनुज, ओंको सर्जन, अटल कैंसर केयर केंद्र

तंबाकू के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। 2022 से अभी तक करीब 500 लोगों के चालान काटे जा चुके हैं और सार्वजनिक स्थानों पर यह चालान की कार्रवाई जारी रहती है। इसके अलावा स्कूलों व कॉलेज में भी नियमित तौर पर तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाता है। तंबाकू का सेवन कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। ऐसे में इसके सेवन से बचना चाहिए।
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डॉ. सुखप्रीत, नोडल अधिकारी, तंबाकू निषेध
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