अंबाला। ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल करने वाले धीन गांव निवासी शूटर सरबजोत सिंह के संघर्ष में अंबाला से कोच अभिषेक राणा की अहम भूमिका है। पहले सरबजोत को शाहबाद शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण दिया। बाद में खुद अंबाला कैंट में फीनिक्स क्लब में बनी शूटिंग रेंज किराये पर लेकर सरबजोत के निशाने के सटीक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
अकादमी में किसी चीज की कमी लगने लगी तो सरबजोत को संग लेकर दिल्ली, पुणे, भोपाल और केरल में ही नहीं, बल्कि विदेशों में जाकर भी कैंप लगाए। हाल ही में फ्रांस, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में भी कैंप लगाए। पेरिस ओलंपिक में भी संग रहे कोच अभिषेक राणा ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वह खुद नेशनल व इंटरनेशनल लेवल का खिलाड़ी हूं।
ओलंपिक तक जाने का सपना था, लेकिन इंटरनेशनल लेवल तक ही पहुंच पाया। इसी सपने को सरबजोत में देखकर उसे पूरा किया है। सरबजोत से गुरु दक्षिणा के रूप में ओलंपिक पदक दिया है। दरअसल, 32 वर्षीय अभिषेक राणा छावनी के घसीटपुर गांव के रहने वाले हैं। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में पढ़ाई के दौरान शूटिंग कर 2012, 2013, 2014 में नेशनल मेडल हासिल किए। इंटरनेशनल लेवल वह पदक से चूक गए थे। तभी अकादमी खोलकर खिलाड़ियों की फौज तैयार करने की ठान ली थी।
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आदित्य भी सरबजोत के साथ करता है तैयारी
शूटिंग में इंडिया नंबर वन रैंकिंग पर चलने वाला शहर के जग्गी कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय आदित्य मारला भी अंबाला की निजी अकादमी में सरबजोत संग तैयारी करता है। कोच अभिषेक राणा उसे भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। आदित्य मारला ने बताया कि 2021 में उसने नेशनल में दो गोल्ड, 2022 में दो गोल्ड, 2023 में एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्राउंज हासिल किया। इसके अलावा खेलो इंडिया और अंतर विश्वविद्यालय में भी पदक है। ओलंपिक में पदक लाना उसका सपना है।
अंबाला के शूटर सरबजोत संग खड़े कोच अभिषेक राणा