अंबाला सिटी। त्योहारी सीजन में धड़ाधड़ बिकने वाली मिठाइयों में मिलावटी हो सकती है। इसकी पुष्टि स्वयं खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए गए सैंपलों की जांच में की थी। दशहरा, दीपावली व नवरात्रों पर लिए गए सैंपलों की करीब दो माह पहले आई रिपोर्ट में 14 सैंपल फेल मिले थे। वहीं अब होली पर एक बार फिर मिलावटी मिठाइयों दुकानों पर सजने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सैंपल को लेकर कार्रवाई ढीली चल रही है। त्योहारी सीजन में लिए गए सैंपल फेल मिले थे। उनमें अधिकतर दूध से बने हुए पदार्थ हैं। इनमें पनीर, खोया, दही और दूध शामिल था। इसके अलावा व्रत में प्रयोग होने वाले कुट्टू के आटे का सैंपल भी फेल था। वहीं जिन दुकानों से लिए गए सैंपल फेल मिले हैं उन पर केस किए जा रहे हैं। इसके बावजूद मिलावटी खोरी पर लगाम नहीं लग रहा है।
यह रही त्योहारी सीजन में सैंपलों की स्थिति
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से त्योहारी सीजन में कुल 49 सैंपल लिए गए थे। इसमें से 35 सैंपल पास हुए, जबकि 14 फेल हो गए। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से उन सभी दुकानदारों के खिलाफ केस तैयार करते हुए हेडक्वार्टर में भेजा। इन 14 सैंपलों के दुकानदारों में से 11 पर कोर्ट में केस चल रहा है। तीन सैंपलों की फाइल अभी उच्च विभाग के पास लंबित पड़ी है। जहां से आगे कोर्ट में केस करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
यह है प्रावधान
अधिकारियों की मानें तो जांच के सैंपल फेल होता है तो उस संबंध में रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाती है। जहां से कोर्ट में केस चलता है। इसमें दुकानदार केस हार जाता है तो उसको छह माह से तीन साल तक की सजा हो सकती है। वहीं पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी कोर्ट द्वारा लगाया जाता है। अगर घटिया खाद्य पदार्थ से किसी की मौत हो जाती है तो दुकानदार को उम्रकैद से लेकर 10 लाख रुपये जुर्माने तक का प्रावधान है।
समाजसेवी बोले- त्योहारी सीजन से पहले होनी चाहिए सख्ती
अक्सर खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहार से पहले सख्त हो जाता है और सैंपलिंग शुरू कर देता है। ऐसे में त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद जब तक रिपोर्ट आती है तब तक सैकड़ों की संख्या में लोग मिठाई खा चुके होते हैं। आखिर बाद में पता चलता है कि जो मिठाई खाई थी उनके सैंपल फेल मिले हैं। समाजसेवी अनिल गौतम, सुमन जैन, अमन रस्तोगी का कहना है कि विभाग की कार्रवाई त्योहार से पहले होनी चाहिए। वहीं रिपोर्ट भी जल्दी आ जाए तो मिलावटी मिठाई बेचने वालों में डर बना रहेगा और लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ नहीं होगा।
त्योहारी सीजन में विभाग ने तेजी के साथ सैंपल लेने का अभियान चलाया था। जो भी सैंपल फेल मिले हैं, उनका केस तैयार कर आगे भेज दिया है। बाकी कोर्ट का निर्णय होता है। हम समय समय पर सैंपल भरते रहते हैं। होली आ रही है तो एक बार फिर मिलावट खोरों पर शिकंजा कसा जाएगा और सैंपल लिए जाएंगे।
- राजीव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, अंबाला।