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Ambala News: नियम दरकिनार, कचरा निस्तारण में खेल

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अंबाला सिटी। रोजाना बड़ी मात्रा में गीला कचरा जेनरेट करने वाले प्रतिष्ठान (होटल, रेस्तरां और मैरिज पैलेस इत्यादि) नियमों को दरकिनार कर कचरे के निस्तारण में खेल कर रहे हैं। ये प्रतिष्ठान न केवल मनमानियों पर उतारू हैं, बल्कि इस बारे में बनी सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी को भी दरकिनार कर रहे हैं।
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पार्षदों ने पिछले दिनों सदन की बैठक में इस मुद्दे को उठाते हुए निगम के अफसरों से जवाब भी मांगा था, मगर न तो आज तक जवाब मिला और न ही प्रतिष्ठानों की मनमानियों पर लगाम लगी। नतीजतन इन प्रतिष्ठानों का गीला कचरा नियमानुसार निस्तारित होकर खाद बनने के बजाय गुपचुप ढंग से सूअरों को परोसा जा रहा है। जिले में करीब 90 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जहां से रोजाना 50 किलो से अधिक गीला व सूखा कचरा निकलता है।
ऐसे चलता है खेल
पॉलिसी तहत प्रतिष्ठानों से निकलने वाले सूखे व गीले कचरे को अधिकृत वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियों के माध्यम से निस्तारित कराया जाना है। ये प्रतिष्ठान इन एजेंसी से संपर्क करेंगे और संबंधित एजेंसियां निर्धारित फीस के तहत इन प्रतिष्ठानों से रोजाना कचरा एकत्रित करेंगी और इसकी खाद बनाएंगी, मगर ऐसा नहीं हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि अधिकतर प्रतिष्ठानों का सूखा कचरा तो जहां-तहां फेंका जा रहा है, जबकि गीला कचरा कुछ सूूअर पालकों को उनके सूअरों की खुराक के लिए बेचा जा रहा है।
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करीब पांच माह पहले चेकिंग के बाद नगर निगम ने कचरा जेनरेट करने वाले ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किया था, मगर उसके बाद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इन संस्थानों से कचरा निस्तारण के उचित प्रबंध करने संबंधी शपथपत्र भी लिए गए थे।
बड़े होटलों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना भी जरूरी



नियमानुसार बड़े होटलो में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना भी जरूरी है। इससे कि होटलों का गंदा पानी सीधे नालियों व गटर में न जाएं, परंतु कई बड़े होटल ऐसे हैं, जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं। ऐसे होटलों और रेस्टोरेंट को भी नगर निगम की ओर से नोटिस दिए गए थे, मगर इस दिशा में भी कुछ खास नहीं हुआ।
पार्षदों ने उठाए सवाल



यह गंभीर मामला है, इस मामले के संबंध में हाउस की बैठक में अधिकारियों से सवाल पूछे जाएंगे। कचरा निस्तारण में अभी कई कमियां दिखाई देती हैं।
-विजय चौधरी, पार्षद
जहां तक मेरी जानकारी है बल्क में कचरा जेनरेट के मामले में कचरा कहां जा रहा है यह किसी को पता नहीं है। इस मामले में जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो।
-संदीप सचदेवा, मनोनीत पार्षद
कचरा निस्तारण में लापरवाही का मुद्दा मैं पहले भी हाउस की बैठक में उठा चुका हूं, मगर कोई कार्रवाई नहीं होती। कचरा कहां जा रहा हैं, इसका भी नगर निगम जवाब नहीं दे रहा है। इस मामले में जांच होनी चाहिए।
-मिथुन वर्मा, पार्षद


अगर बल्क जेनरेटरों के कचरे का निस्तारण नियमानुसार नहीं हो रहा है तो यह काफी गंभीर मामला है। इस मामले में जो भी हीलाहवाली मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी ।
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-राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम
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