अंबाला। पहले चरण में पानीपत, यमुनानगर और दूसरे चरण में करनाल, पंचकूला में हुए इलेक्ट्रिक बसों के उद्घाटन के बाद सड़कों पर इन बसों का संचालन किया जा रहा है। जो यात्रियों को बेहतर सुविधा दे रही हैं।
इसके विपरीत अंबाला इलेक्ट्रिक बसों की राह देख रहा है। विभाग द्वारा अंबाला शहर बस स्टैंड के पीछे लगे पेड़ों कटाई करवाने के बाद दिल्ली की डीआईएमटीएस कंपनी को रिपोर्ट भेज चुका है। वहीं विभाग को हेडक्वार्टर से सब स्टेशन के लिए मिलने वाले 6 करोड़ 20 लाख रुपये के बजट की आस है। जैसे ही बजट आएगा तो इस जगह पर सब स्टेशन लगाने का काम शुरू होगा। अंबाला में जल्द ही 50 इलेक्ट्रिक बसें आने वाली है। इन बसों के लिए अंबाला सिटी बस स्टैंड के पीछे दो कनाल जगह पर कार्यशाला, चार्जिंग स्टेशन और सब स्टेशन बनाया जाना है।
इसे लेकर दिल्ली की डीआइएमटीएस कंपनी के प्रतिनिधि दो बार अंबाला आकर दौरा कर चुके हैं और रोडवेज अधिकारियाें के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी कर अंबाला के स्थानीय रूटों के बारे में जानकारी ले चुके हैं। ऐसे में अब कंपनी प्रतिनिधी रोडवेज के अधिकारियाें के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अधिकतर मार्गों पर सर्वे कर व्यवस्था को देखेंगे।
अधिकारियों की ओर से चंडीगढ़ स्थित हेडक्वार्टर को इलेक्टि्रक बसों के लिए बनने वाले सब स्टेशन को लेकर मिलने वाले 6 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि का इंतजार है। जैसे ही यह राशि आएगी। इसके बाद अधिकारी इस राशि को बिजली विभाग को देंगे तो सब स्टेशन बनने की प्रक्रिया का काम शुरू हो जाएगा।
वर्जन
जल्द ही हेडक्वार्टर से करीब 6 करोड़ 20 लाख रुपये के बजट आने की उम्मीद है। जैसे ही बजट आएगा तो इसे बिजली विभाग को दे दिया जाएगा। जिससे सब स्टेशन बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संदीप आहूजा, बिल्डिंग कलर्क, अंबाला डिपो।