फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्मे लाला, नंद जी के अंगना में बरस रही खुशियां

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की... के जयकारों से रात 12 बजते ही जिले भर में मंदिर गूंज उठे। शंखनाद, घंटियों की आवाज के साथ आरती के बोल मंदिर के साथ आसपास के क्षेत्र में सुनाई देने लगे। भक्तों ने कन्हा के बाल स्वरूप का पंचामृत से स्नान करवाया। वहीं, दिन में जन्माष्टमी के त्योहार को लेकर जिलेभर के मंदिरों में धूम रही। रात एक बजे तक मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में विशेष रूप से कीर्तन, जागरण कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
विज्ञापन

प्रत्येक मंदिर में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को सुंदर रूप से सजाया गया। जहां भक्तों ने माथा टेका और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। छावनी के हिल रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर, जमना ज्वाहर मंदिर, अनाज मंडी स्थित शिव मंदिर, बीसी बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर, रेस कोर्स स्थित राधा कृष्ण मंदिर, गोबिंद नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर, हाथी खाना मंदिर सहित अन्य मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया गया। वहीं, सिटी के राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर, दुख भंजनी मंदिर आदि में भक्तों की भीड़ लगी रही। हालांकि, जन्माष्टमी को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति रही। शुक्रवार को जन्माष्टमी की सरकारी छुट्टी होगी।
10 हजार तक में बिकी कान्हा की पोशाकें
श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार सुबह से ही गुलजार दिखे। कान्हा जी के शृंगार के लिए राधा-कृष्ण की रंग बिरंगी पोशाक, बांसुरी, मुकुट, झूला, सिंहासन, भोग की थाली व माखन-मटकी आदि सामान खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। तांबा, पीतल और चांदी से बनी कान्हा जी की मूर्तियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गुजरात, कोलकाता, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, यूपी, पंजाब और जयपुर आदि शहरों से शृंगार से लेकर राधा श्रीकृष्ण की पोशाक मंगाई गई। 20 रुपये से लेकर बाजारों में 10 हजार रुपये तक की पोशाक थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें