अंबाला सिटी। प्रशासन द्वारा जगह अलॉट न करने पर रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने बुधवार को अलग अंदाज में प्रदर्शन किया। संचालकों ने हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगी। संचालक अलग-अलग बाजारों में से होकर गुजरे और करीब दो घंटे में 4210 रुपये की राशि एकत्रित की। संचालकों ने बताया कि अभी भीख मांगने का कार्य जारी रहेगा और एकत्रित किए गए रुपये विधायक को भेजेंगे।
सभी संचालक पहले बस स्टैंड में रोडवेज महाप्रबंधक के कार्यालय में भीख मांगने पहुंचे। यहां पुलिस ने सभी रेहड़ी-फड़ी संचालकों को रोडवेज कार्यालय में जाने से रोक दिया, मगर वह नहीं माने और कार्यालय के बाहर पहुंच गए, मगर रोडवेज महाप्रबंधक नहीं मिले। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए दुर्गा मार्केट, आदर्श मार्केट के बाजारों में भीख मांगी। बस स्टैंड पर प्रदर्शन को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। बस स्टैंड पर भी रेहड़ी-फड़ी वालों ने यात्रियों से भीख मांगी। रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने शुक्ल कुंड रोड, जगाधरी गेट से होते हुए धरना नगर निगम कार्यालय में समाप्त किया।
जननायक जनता पार्टी से विवेक चौधरी ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। चौधरी ने कहा कि वीरवार को उपायुक्त और एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा, संचालकों को हक मिल सके। अगर इसके बाद भी कोई राहत नहीं मिलती तो आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
विधायक को देना चाहिए इस मामले में दखल : डिप्टी मेयर
नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता का कहना है कि जरूरतमंद रेहड़ी-फड़ी संचालकों के साथ सिटी विधायक ठीक नहीं कर रहे हैं। आज रेहड़ी-फड़ी संचालक कटोरा उठाकर शहर में भीख मांगने पर मजबूर हो रहे हैं। जिसको देखकर बहुत दुख हुआ है। इस मामले में विधायक को दखल देते हुए इनकी समस्या का समाधान करना चाहिए।
निगम और प्रशासनिक अधिकारी लें संज्ञान : विवेक
मनोनीत पार्षद के प्रतिनिधि व जेजेपी पार्टी के नेता विवेक ललाना ने बताया कि नगर निगम कार्यालय में भी प्रशासनिक अधिकारियों से भीख मांगी गई, फिर भी उनको दया नहीं आई, जबकि निगम व प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में संज्ञान ले सकते हैं।
कंधे से कंधा मिलाकर खड़े : विनोद धीमान
आम आदमी पार्टी के नेता विनोद धीमान का कहना है कि इन मजदूर लोगों के लिए आम आदमी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। जहां कहीं भी इनको जरूरत होगी, इनके लिए हर प्रकार से संघर्ष किया जाएगा। यदि सरकारी तंत्र का यही रवैया रहा तो वह गिरफ्तारियां देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।