अंबाला सिटी। जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूलों में बालवाटिका थ्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाएंगी। विद्यार्थी की नींव को स्कूल शिक्षक बालवाटिका स्तर से ही तैयार करेंगे। कक्षा कमरे में चार अलग-अलग कोने भी बनाए जाएंगे। यहां पठन सामग्री से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
बालवाटिका को लेकर शिक्षा विभाग ने जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। जल्द ही बालवाटिका थ्री प्रोजेक्ट स्कूलों में शुरू होगा। इसके बाद यह शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को उसी पैटर्न पर पढ़ाई करवाएंगे। बालवाटिका थ्री प्रोजेक्ट राजकीय स्कूलों में शुरू किया जा रहा है।
एक कक्षा कमरे में विद्यार्थियों को सीखाने के लिए विभिन्न गतिविधि करवाई जाएंगी। इन गतिविधि में कक्षा के हर कोने में गतिविधि होगी। जैसे कला कोना इसमें क्ले रंग, पेंट, रंगीन कागज आदि की सामग्री होगी। इसी तरह अभिनय कोना में किचन सेट, डॉक्टर सेट, पपेट आदि होंगी। जोड़-तोड़ कोना में आकार किट, ब्लॉक्स, जिगसॉ, पजल, क्रम कार्ड व अन्य सामग्री होंगी। जिसमें बच्चे कुछ बना सकें। किताबों का कोना, इसमें बिग कुक, चित्र पुस्तकें, चित्र चार्ट, कविता, पोस्टर जैसे पठन सामग्री होगी। खोज कोना में तराजू, चुंबक, बीज, पौधे, माने वाला टेप व अन्य सामान्य सामाग्रियां, जिसमें बच्चे आसपास के वातावरण के बारे में खोजबीन कर सकें।
ऐसी होगी बालवाटिका थ्री की दैनिक योजना
प्रतिदिन बच्चे 4.5 घंटे के लिए बालवाटिका कक्षा में आएंगे। इस दौरान बच्चे कहानियों, निर्देशित खेल, मुक्त खेल चर्चा गतिविधियों से जुड़ेंगे। विद्यार्थियों को रोजाना शेड्युल बनाकर पढ़ाई करवाई जाएगी। इनमें प्रात: कालीन सभा के लिए 30 मिनट, मॉर्निग सर्कल टाइम 30 मिनट, ब्रेक 10 मिनट, मुक्त खेल 50 मिनट, कहानियां और निर्देशित खेल 45 मिनट, गतिविधियां और अभ्यास-पुस्तिका पर कार्य 35 मिनट, ब्रेक 30 मिनट, बाहरी खेल 30 मिनट और गुडबाय सर्कल टाइम 10 मिनट का होगा।
बालवाटिका थ्री में बच्चों का शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकास, संज्ञानात्मक विकास, भाषा और साक्षरता विकास व सौंदर्य बोध और सांस्कृतिक विकास करना है। प्रोजेक्ट के तहत पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों का आकलन भी किया जाएगा, ताकि उनके पढ़ाई के स्तर का भी पता चल सके।
-सतबीर सिंह, बीईओ, अंबाला खंड वन