अंबाला। होम क्वारंटीन किए गए लोगों के साथ जानवरों की तरह बर्ताव हो रहा है। तंदरुस्त होते हुए भी दूर से इनके पास खाना फेंक दिया जाता है। न तो रुटीन में इनकी सेहत की जांच हो रही है। न ही पर्याप्त खुराक मिल रही है। ऐसे हालात में इनकी जिंदगी मुश्किल हो रही है। कई दिन तो इन्हें गंदे कपड़ों में ही गुजारने पड़े। शोर मचाने के बाद ही अब इस समस्या का समाधान हुआ है। प्रशासन से इन लोगों ने जुरुरी व्यवस्थाएं करनने का आग्रह किया है। सीढ़ियों पर फेंका जा रहा है खाना कैंट की यादव धर्मशाला में इस समय प्रशासन की ओर से दो परिवारों के 15 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। पंजाब के रामनगर सैनियान गांव के रहने वाले गुरप्रीत सिंह के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के बाद दो परिवारों के 15 लोगों को यहां होम क्वारंटीन किया गया था। इनमें एक ही परिवार के 11 लोग भी शामिल हैं। जांच के बाद 29 मार्च को इन्हें यहां लाया गया था। इसके बाद से किसी ने इनकी सुध नहीं ली। हालांकि जांच में इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी इसके बावजूद इन लोगों के साथ जानवरों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। न तो इन्हें कोई दवाई दी जा रही है न ही परोपर खुराक। खाना भी उन सीढ़ियों पर फेंक दिया जाता है जहां लोगों के जूतों से आने वाली गंदगी फैली रहती है। ऐसे में बड़ी मुश्किल से वे खाना खा पाते हैं। उनके दरवाजे की कूंडी तक कोई हाथ नहीं लगाता। पहरेदारी पर बैठे पुलिस के जवान भी उन्हें ऐसे देखते हैं जैसा कि उन्होंने कोई जुर्म कर दिया हो। कोई भी उन्हें दया के भाव से देखने को तैयार नहीं है। सात दिन बाद बदलवाए कपड़े यादव धर्मशाला में होम क्वारंटीन किए गए बलवंत सिंह ने बताया कि अब तक प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली थी। वे कई दिन से कपड़े बदलवाने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर कई बार शिकायत की गई। अब शनिवार को उनके लिए कपड़े आए। साथ ही जरुरी दवाएं भी दी गई। दूसरे परिवार के ज्ञान सिंह ने बताया कि वे इंसान हैं लेकिन जानवरों की तरह उनका खाना फेंका जा रहा है। प्रशासन को ऐसी अव्यवस्थाओं का ख्याल रखना चाहिए। अब तक दोबारा न तो उनका कोई चेकअप हुआ न ही किसी ने उनकी कुशलक्षेम पूछी। शोर मचाने के बाद अब अफसर हरकत में आए हैं। होम क्वारंटीन 33 लोग हाई रिस्क में प्रशासन की ओर से तब्लीगी जमात के 78 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। इनमें से 33 लोग हाई रिस्क में रखे गए हैं। इन पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। अब तक प्रशासन की ओर से 1205 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। इनमें से 323 लोगों का पीरियड खत्म हो चुका है। अभी 992 लोग होम क्वारंटीन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। कोर्ट्स होम क्वारंटीन किए गए लोगों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। चेकअप उन्हें लोगों का किया जा रहा है जिनमें कोई लक्षण पाया जाता है। जानवरों जैसा बर्ताव करने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। क्योंकि यह बीमारी ऐसी है जिससे हर कोई डर रहा है। अगर किसी को कोई दिक्कत है तो उसे दूर कर दिया जाएगा। डॉ. राजिंद्र राय, नोडल ऑफिसर, होम क्वारंटीन