हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। रेलवे स्टेशनों पर लगने वाली ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) अब नए स्वरूप में नजर आएगी। ये सुरक्षा और सुविधा दोनों के हिसाब से बेहतर होगी। रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) की तरफ से इस संबंध में निर्देश जारी हो गए हैं।
इन निर्देशों को जोन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों सहित मंडलों के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधकों को भेजा है, जिससे कि नए बदलाव के तहत मशीनों को लगाने का काम किया जा सके। अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि नई एटीवीएम सुविधा और सुरक्षा के मामले में अव्वल होगी। इससे टिकट लेना पहले के मुकाबले काफी आसान होगा। इसके लिए स्मार्ट कार्ड की सुविधा दी जाएगी। वहीं यात्री को अंग्रेजी और हिंदी के अलावा अन्य भाषा चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा।
इसके अलावा एटीवीएम की मशीन पर लगी स्क्रीन पर टिकट व किराए से संबंधित जानकारी नजर आएगी, वहीं मशीन में लगे स्पीकर के माध्यम से यात्री इसे सुन भी पाएंगे, जिससे कि अगर टिकट खरीदते समय किसी प्रकार की गलती हो रही है तो उसे तुरंत सुधार जा सके। वहीं एटीवीएम में टिकट का विवरण दर्ज करने के बाद और स्मार्ट कार्ड से भुगतान होते ही मशीन में लगे थर्मल प्रिंटर से कुछ ही क्षण में टिकट भी यात्री को मिल जाएगी। थर्मल प्रिंटर से निकली टिकट को टीटीई अपने मोबाइल ऐप से भी चेक कर सकेंगे और इससे अवैध टिकट से भी छुटकारा मिल जाएगा। संवाद
दो साल से नही थी ये सुविधा
उत्तर रेलवे के अंबाला रेल मंडल के सबसे बड़े और प्रमुख रेलवे स्टेशन पर पिछले दो साल से ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा बंद है। लगभग छह मशीनें अनारक्षित टिकट घर और मुख्य द्वार के नजदीक लगाई थी, लेकिन कोरोना काल के दौरान सभी मशीनें रख-रखाव के अभाव में खराब हो गई और इसके बाद नई मशीनों को लगाने की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।
घंटों लाइन में लगकर मिलता है टिकट
एटीवीएम की सुविधा बंद होने के बाद अब यात्रियों को अनारक्षित टिकट घर पर घंटों लाइन में लगना पड़ता है और इस दौरान गनतव्य स्टेशन की ट्रेन भी छूट जाती है। ऊपर से यहां तैनात कर्मचारी यात्रियों से ऐसा व्यवहार करते हैं, जैसे उन पर कोई अहसान कर रहे हों।