चेकिंग के दौरान पकड़ी गई बाइक छोड़ने के लिए एक एएसआई ने रुपये मांग लिए। पीड़ित ने एएसआई की मांग पूरी करने के बाद उसकी शिकायत डीएसपी से कर दी। डीसीपी की टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी से पैसे बरामद कर लिए। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। डीसीपी ने चौकी में हो रहे भ्रष्टाचार के लिए चौकी प्रभारी को जिम्मेदार मानते हुए उसे सस्पेंड कर दिया है। मामले में पुलिस देर रात तक कार्रवाई कर रही थी।नग्गल इलाके के चोर मस्तपुर निवासी मनप्रीत सिंह ने बताया कि वह बुधवार को बाइक से अपने काम से जा रहा था। रास्ते में सेक्टर-9 चौकी के एएसआई राजेंदर कुमार चेेकिंग कर रहे थे। एएसआई ने उसकी बाइक भी चेकिंग के लिए रोक ली। इसके बाद उसे गाड़ी बाउंड करने के नाम पर धमकाना शुरू कर दिया। उसने गाड़ी बाउंड न करने की गुजारिश एएसआई राजेंदर से की, तो उसने रुपयों की मांग शुरू कर दी। बहुत गुजारिश करने पर एएसआई 3300 रुपये में गाड़ी छोड़ने के लिए राजी हो गया। उसने आरोपी एएसआई राजेंदर को 3300 रुपये दे दिए। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत डीसीपी अर्बन सुरेंदर पाल सिंह से की। उन्होंने आरोपों की हकीकत जानने के लिए एक टीम गठित कर दी। इस टीम ने देर रात सेक्टर-9 की पुलिस चौकी में छापा मारकर आरोपी एएसआई राजेंदर कुमार से 3300 रुपये बरामद कर लिए। इसके बाद डीसीपी के आदेश पर आरोपी एएसआई को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले में डीसीपी अर्बन सुरेंदर पाल सिंह ने बताया कि सेक्टर-9 की पुलिस चौकी के प्रभारी गुलजार को उनकी चौकी में हो रहे भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।