अंबाला। दुधला मंडी में एक घर के सामने खड़ी होंडा सिटी कार की डिक्की में रखे सूटकेस में मिले 13 वर्षीय गौरव के शव से जुड़े हत्या के मामले में शनिवार को अंबाला छावनी के डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि गौरव का अपहरण और हत्या होंडा सिटी कार के असल मालिक अश्वनी ने ही की थी। इसका खुलासा आरोपी ने सीआईए दो की ओर से ली गई चार दिन की रिमांड के दौरान पूछताछ के दौरान किया। पूछताछ में अश्वनी ने कुबूल किया कि उसके ऊपर ढाई लाख रुपये का कर्ज था।
आरोपी ने बताया कि उसने पड़ोसी के पास ही अपनी कार गिरवी रख दी थी। ऐसे में चूंकि गौरव आरोपी अश्वनी का पड़ाेसी था तो उसकी अच्छी पहचान थी। इसलिए अश्वनी ने पहले उसका अपहरण किया और उसके लिए उसने अपने साले की स्विफ्ट कार का प्रयोग किया। जब उसके मंसूबे कामयाब नहीं हुए तो उसने रेलवे अस्पताल के पास स्विफट कार में गौरव की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पास में ही स्थित सेना की सीएसडी कैंटीन से अपनी मां के कार्ड पर एक सूटकेस और एक डियोड्रेंट भी खरीदा। गौरव के शव को सूटकेस में बंद किया और कोई शक न करे इसके लिए उस सूटकेस को रात्रि के समय उसने अपनी ही होंडा सिटी कार की डिक्की में रख दिया। ऐसा उसने इसलिए किया क्योंकि उसने अपनी कार गिरवी रखी थी अगर हत्या का शक होता तो उस पड़ोसी पर जाकर जिसके पास आरोपी अश्वनी ने अपनी कार गिरवी रखी थी। वहीं डियोड्रेंट से उसने स्प्रै कर दिया जिससे कि शव खराब होने से बदबू न आए। आरोपी अश्वनी को शनिवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह था गौरव हत्याकांड
अंबाला छावनी के हिम्मतपुरा गांव निवासी 13 वर्षीय गोलू का शव गांव दुधला मंडी में 5 अप्रैल को घर से कुछ दूरी पर एक हाेंडा सिटी कार की डिक्की में रखे सूटकेस में गली सड़ी हालत में मिला था। बताया जाता है कि शव मिलने से तीन दिन पहले ही गौरव का अपहरण किया गया था।
होंडा सिटी कार से सुबह करीब 11 बजे बदबू आने लगी तो स्थानीय लोगों ने कार की डिग्गी खोलकर देखा तो उसमें बदबू आ रही थी और एक सूटकेस रखा हुआ था। पुलिस की मौजूदगी में उसे खुलवाया तो गोलू का शव गली हुई अवस्था में मिला। जिसे देखकर पूरे इलाके में सनसनी मच गई। बताया जाता है कि शव मिलने से एक दिन पहले ही परिजनों को मृतक की बहन के नाम एक पत्र मिला था और चार लाख व जेवरात देने की मांग की गई थी। परिजनों का कहना है कि पत्र में लिखी निर्धारित जगह यानी जग्गी सिटी सेंटर के बाहर पुलिस संग गए थे लेकिन कोई नहीं मिला था। पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि जिस कार में शव मिला उस कार का असल मालिक हिम्मतपुरा गांव निवासी अश्वनी गायब है। इसके बाद पुलिस अश्वनी की तलाश करने उत्तर प्रदेश में भी गई मगर बार-बार लोकेशन बदलने के कारण पुलिस अश्वनी को पकड़ नहीं सकी। इस दौरान आरोपी अश्वनी कभी परिवार को मैसेज भेजकर रुपये मांग रहा थो तो कभी मरने की धमकी दे रहा था। घटना के कुछ दिन बाद आखिरकार आरोपी अश्वनी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट से उसका चार दिन का रिमांड मांगा था।
पूर्व मंत्री विज ने भी दिए एसपी को टीम बनाकर कार्रवाई करने को कहा था
मृतक गोलू के परिजनों ने पूर्व गृह मंत्री अनिल विज से भी मुलाकात कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। जिस पर तुरंत पूर्व मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया। कहा कि उन्होंने सीएमओ अंबाला को शव का पोस्टमार्टम बोर्ड बनाकर करने को कहा और अंबाला एसपी को मामले त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम बनाकर आरोपियों को शीघ्र पकड़ने को कहा था।
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