फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: स्कूल खुलते ही परीक्षा परिणाम बढ़ाने पर किया जाएगा फोकस, योजना तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन
सतनाम सिंह
विज्ञापन

अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने इस सत्र में परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए प्रयास अभी से तेज कर दिए हैं। जुलाई माह में स्कूल खुलते ही शिक्षा विभाग नए मोड में नजर आएगा। विभाग न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने पर फोकस करेगा, बल्कि उन विषयों पर भी ज्यादा मेहनत करवाई जाएगी, जिन विषयों में बीते सत्र में परिणाम कमजोर रहा था। विभाग ने परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए अपना प्लान तैयार कर लिया है और कमजोर परिणाम देने वाले स्कूलों को भी चिन्हित किया है। विभाग की ओर से प्लान बनाकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय में भेजा गया है।
इस योजना में ये बताया गया है कि शिक्षा विभाग आगामी परीक्षा में कैसे अपने परिणाम को बीते वर्षों के मुकाबले सुधार करेगा। वहीं, प्रत्येक बीईओ और प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वह अपने पिछले वर्ष के बोर्ड परिणाम का विश्लेषण करेंगे और कमजोर विषयों पर अधिक जोर दिया जाएगा। जिसके कारण पिछले वर्ष का बोर्ड परिणाम प्रभावित हुआ था। जिले की बात करें तो 10वीं कक्षा में 55 राजकीय स्कूलों में 6867 व करीब 100 स्कूलों में 12वीं कक्षा में 5089 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

-
विभाग ने पहले ही मांगा प्लान
अमूमन शिक्षा विभाग परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए नवंबर-दिसंबर से तैयारी करता था, लेकिन इस बार निदेशालय ने सत्र शुरू होने पर ही सभी जिलों से परिणाम सुधारने के लिए प्लान मांग लिया है। यह प्लान सभी जिले बनाकर निदेशालय में भेज रहे हैं। इसके साथ ही विभाग ने कमजोर विषयों को लेकर भी जानकारी मांगी हैं कि किस विषय में परिणाम कमजोर रहा था। अब आगे उसकी तैयारी कैसे करवाई जाएगी। वहीं, इस प्लान का फायदा बच्चों को होगा, क्योंकि सत्र के शुरू से ही पढ़ाई पर फोकस ज्यादा रहेगा और कमियों पर कार्य किया जाएगा।
-
इन बिंदुओं पर परिणाम सुधारने के लिए दिया जाएगा जोर
-स्कूलों में कोई अनुपस्थिति नहीं होनी चाहिए। कक्षावार विद्यार्थियों की नियमितता बनाए रखी जाए।

-छात्रों के लेखन कौशल पर अधिक जोर दिया जाएगा।
-विशेष रूप से इंजीनियरिंग, गणित और विज्ञान के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शून्य अवधि में ली जाएंगी।
-प्रत्येक खंड के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
-सैट, अर्धवार्षिक, प्री बोर्ड के नतीजों पर विशेष ध्यान देते हुए मासिक पीटीएम आयोजित की जाएगी।
-टीएलएम, विज्ञान और गणित किट, मानचित्र आदि का अधिकतम उपयोग करके छात्रों और शिक्षकों के बीच गतिविधि आधारित शिक्षा को बढ़ाया जाएगा।
-कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस के लिए नियमित रूप से प्रैक्टिकल करवाई जाएगी।
-कुछ विशिष्ट शिक्षकों की अनुपलब्धता की स्थिति में एसएमसी सदस्यों, बीईओ की मदद से समस्या का समाधान किया जाएगा।
-विद्यार्थियों की उचित कॅरिअर काउंसलिंग हो, इस उद्देश्य से लगभग सभी विद्यालयों में कॅरिअर काउंसलिंग चार्ट प्रदर्शित किए गए हैं। स्कूल लाइब्रेरी के माध्यम से छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, कॅरिअर मार्गदर्शन के लिए किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
-पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को संशोधित किया जाएगा।

खंड अनुसार जिले में स्कूलों की संख्या
बराड़ा में 15 राजकीय उच्च विद्यालय व 16 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। अंबाला टू में 8 राजकीय उच्च विद्यालय व 17 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। साहा में 12 राजकीय उच्च विद्यालय व 13 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। नारायणगढ़ में 6 राजकीय उच्च विद्यालय व 16 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। शहजादपुर में 5 राजकीय उच्च विद्यालय व 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं।
विज्ञापन

-
वर्जन
इस सत्र के लिए विभाग ने 10वीं व 12वीं कक्षा परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए प्लान तैयार कर लिया है प्लान बनाकर निदेशालय भेजा गया है कि कैसे परीक्षा परिणाम को बढ़ाया जाएगा। जुलाई में स्कूल खुलते ही प्लान को धरातल पर लाया जाएगा और स्कूल अनुसार कमजोर विषयों को भी चिन्हित किया गया है। इन विषयों को लेकर ज्यादा फोकस किया जाएगा।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें