संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। प्रथम बार आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने और महर्षि दयानंद के जन्मदिन के 201 वर्ष पूर्ण होने पर एक सप्ताह से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान छावनी के आर्य समाज स्वामी दयानंद मार्ग में वेद प्रचार महोत्सव मनाया गया। पंडित मनोज शास्त्री एवं डाॅ. नरेंद्र विद्यालंकार की अध्यक्षता में वैदिक ऋचाओं से यज्ञ संपन्न हुआ। इसमें 12 यज्ञ कुंड बनाए गए। जिसमें 200 से अधिक यजमानों ने आहुतियां डालीं। इस दौरान मुख्य वक्ता डाॅ. नरेंद्र ने अपने उद्बोधन में लोगों को वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया। उन्होंने ईश्वर के सत्य स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर सत् चित् और आनंद स्वरूप है, वह निराकार है, सर्व शक्तिमान है, उसे जन्म लेने की आवश्यकता नहीं। उनका ओम् नाम से स्मरण करना चाहिए। इसके बाद पंडित श्वेता ने मधुर भजन से समां बांधा। इस अवसर पर मुख्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। वहीं इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूल तथा आर्य समाज से भी आए सदस्यों मौजूद रहे।