अंबाला। लगभग दो साल से अटकी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के पूरा होने की आस बंध गई है। कोर्ट के निर्देश पर आर्बिट्रेशन में गए छह मामलों में चार पर फैसला आ गया है जोकि तथ्यों के आधार पर पीडब्ल्यूडी के हक में सुनाया गया है। अब इन चारों लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और नए सिरे से निविदा जारी करने के लिए विभाग तीन माह में आंकलन रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें मौजूदा कार्य के साथ-साथ लंबित कार्य का भी आंकलन किया जाएगा और फिर इस रिपोर्ट के आधार पर ही कार्य को पूरा करवाने की रुपरेखा तैयार की जाएगी।
जिन परियोजनाओं में फैसला आया उनमें अंबाला छावनी के नजदीक अधूरे पड़े डाक्टर व अन्य स्टाफ के क्वार्टरों का काम पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल में 100 बैड की सुविधा को 200 बैड में तब्दील करने का कार्य। अंबाला सिटी में लड़कियों के सरकारी कॉलेज का निर्माण और अंबाला सिटी के मिनी सचिवालय में प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण पूरा किया जाएगा। हालांकि रिपोर्ट तैयार करने से पहले यह छानबीन की जाएगी कि जो कार्य पूर्व के ठेकेदार ने किया है वो सही है, वहीं उसे जो भुगतान किया गया है, उतने का काम हो भी चुका है या नहींं। अगर इस दौरान ठेकेदार से संबंधित कोई भी खामी पाई जाएगी तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं, अगर विभाग की तरफ पैसा निकलेगा तो वो ठेकेदार को दिया जाएगा।
इन पर पेंच
चार में से दो मामले कोर्ट में तो दो आर्बिट्रेशन के पास लंबित हैं। इनमें से वार हीरोज स्टेडियम के अधूरे पड़े निर्माण को पूरा करने का मामला और अंबाला छावनी में बनने वाले आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, उम्मीद है कि ये मामले भी आर्बिट्रेशन के द्वारा सुलझाए जा सकते हैं, हालांकि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर निर्भर है। जबकि गांव चंदपुरा में बनने वाले होम्योपैथिक कॉलेज और लखनौर साहिब में बनने वाले वेटनरी ब्लॉक का मामला आर्बिट्रेशन के विचाराधीन है।
करोड़ों रुपये की परियोजनाएं
वार हीरोज स्टेडियम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस व अपग्रेड करने के लिए 42 करोड़ 89 लाख 96 हजार 241 रुपये की लागत से अप्रैल 2017 में काम शुरु करवाया गया। इसी प्रकार अंबाला सिटी में लड़कियों के लिए सरकारी कॉलेज के निर्माण का कार्य दिसंबर 2018 में 11 करोड़ 76 लाख 27 हजार 106 रुपये की लागत से, अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल के नजदीक डाक्टरों और कर्मचारियों के लिए 24 करोड़ 98 लाख 94 हजार 984 रुपये की लागत से क्वार्टरों का निर्माण, नागरिक अस्पताल में 22 करोड़ 81 लाख 84 हलार 428 रुपये की लागत से 200 बैड का निर्माण, लखनौर साहिब में 7 करोड़ 61 लाख 35 हजार 940 रुपये की लागत से वेटनरी ब्लॉक का निर्माण और अंबाला सिटी के मिनी सचिवालय में 26 लाख 83 लाख 44 हजार 866 रुपये की लागत से फरवरी 2019 में प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण शुरु किया गया था। अंबाला छावनी में 8 करोड़ 33 लाख 31 हजार 830 रुपये की लागत से आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र का निर्माण और मार्च 2021 में 35 करोड़ 92 लाख 55 हजार 955 रुपये की लागत से गांव चंदपुरा में शुरु किए गए होम्योपैथिक कॉलेज का निर्माण अधूरा है।
आठ मामलों में से छह मामले आर्बिट्रेशन में चले गए थे। यहां चार मामलों का फैसला पीडब्ल्यूडी के हक में आया है। दो पर सुनवाई जारी है। वहीं दो मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैंं। जिन चार मामलों का फैसला आया है। उनका आंकलन तीन माह में पूरा किया जाना है ताकि अधूरे पड़े निर्माण को पुन: शुरु करवाकर पूरा करवाया जा सके।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्लयूडी।