अंबाला। गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में सिख पंथ के आठवें गुरु श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी महाराज के आगमन दिवस के उपलक्ष्य में सालाना गुरमत समागम का आयोजन किया जाएगा।
तीन दिवसीय गुरमत समागम की शुरुआत 16 फरवरी से होगी जोकि 18 फरवरी को संपन्न होगा। शुक्रवार, शनिवार व रविवार को समागम श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाएगा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव रमनीक सिंह मान व कार्यकारी सदस्य विनर सिंह साहा ने समागम की तैयारियों की समीक्षा की व जानकारी देते हुए बताया कि 14 फरवरी की सुबह 10 बजे श्री अखंड पाठ साहिब जी की आरंभता की जाएगी और 16 फरवरी दिन शुक्रवार को सुबह 9 बजे श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। इसके बाद नगर पंजोखरा साहिब में नगर कीर्तन निकाला जाएगा।
इसकी समाप्ति शाम को गुरुद्वारा साहिब में होगी। 17 फरवरी दिन शनिवार को सुबह 9 बजे गुरमत समागम का आयोजन किया जाएगा जोकि रात 11 बजे तक चलेगा। 18 फरवरी दिन रविवार को भी विशेष कीर्तन दीवान सुबह 9 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक भाई छज्जु जी दीवान हाल में सजाए जाएंगे। सुबह 11 बजे अमृत संचार भी करवाया जाएगा। समागम में पंथ प्रसिद्ध ज्ञानी मान सिंह पूर्व ग्रंथी श्री दरबार साहिब अमृतसर, सतिंदर बीर सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, भाई जगजीत सिंह बबीहा दिल्ली वाले, भाई अमनदीप सिंह खालसा हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, भाई सरूप सिंह कडिआणा ढाडी जत्था, ज्ञानी गरजा सिंह ढाडी जत्था मानकपुर शरीफ, भाई जसकरन सिंह पटियाला वाले, भाई सुखविंदर अनमोल ढाडी जत्था, बीबी कंवलजीत कौर मसकीन रागी जत्था शाहबाद मारकंडा, भाई गुरमीत सिंह कवीशर जत्था, ज्ञानी जसवंत सिंह कथा वाचक श्री दरबार साहिब, भाई दविंदर सिंह खालसा सोहाणा वाले, भाई सिमरनजीत सिंह खालसा हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, भाई सिमरप्रीत सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, भाई निरभय सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, भाई गुरप्रताप सिंह पदम ढाडी जत्था, डॉ अलंकार सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला वाले, भाई सुच्चा सिंह कविशर जत्था डेरा पठाना, भाई साहिब सिंह चक्कू हेड ग्रंथी गुरुद्वारा मंजी साहिब कैथल, भाई गुरदित सिंह कथा कीर्तन द्वारा संगतों को निहाल करेंगे।
समागम के दौरान आई संगतों के लिए गुरु का लंगर व विभिन्न प्रकार के मिष्ठान प्रसाद बांटा जाएगा। एचएसजीपीसी पदाधिकारियों ने बताया कि कमेटी द्वारा पहली बार यह समागम बहुत उच्च स्तर पर मनाया जा रहा है और उन्होंने समूह संगतों व इलाका निवासियों को तीनों दिन इस समागम में परिवारों व बच्चों सहित हाजिरी भर के तन-मन-धन से सेवा करके गुरु महाराज की खुशियां प्राप्त करने की विनती की।