संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। झूठा शपथ पत्र देकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में स्वापूर्व एएनएम की मुश्किलें बढ़ गई है। एएनएम ने वीआरएस ले रखा है और खुद की डिलिवरी का ही झूठा खेल रच दिया था। जैसे ही जन्म प्रमाण पत्र बनने के लिए आया तो कर्मचारियों का माथा महिला की 54 वर्षीय उम्र देखकर ठनक गया।
मामले की जांच करवाई तो एक के एक झूठ की परतें खुलती चली गई। नगर निगम की जन्म-मृत्यु शाखा के रजिस्ट्रार अनिल राणा की शिकायत पर पुलिस ने छह धाराओं के खिलाफ एएनएम रह चुकी नंदनी, दाई मीना और उसके पति रविंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नगर निगम के अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपते हुए बताया कि शिवालिक बस्ती निवासी नंदनी ने शपथ-पत्र दिया था और उसमें लिखा था कि उसने न्यू शिवालिक कॉलोनी स्थित मीना नंदा के मकान में होम डिलीवरी कराई थी। 9 मार्च 2023 को जन्मे लड़के का नाम केशव थमन रखा गया है। एएनएम ने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। महिला ने अपनी जन्म तिथि 5 दिसंबर 1969 दिखाई। आवेदन अप्रूव होने के लिए संबंधित ऑफिस गया तो इस मामले से परतें खुलती चली गई।
बच्चे की मां होने का दावा करने वाली एएनएम का एएनसी, पीएनसी और टीकाकरण से संबंधित रिकार्ड की जांच यूपीएचसी इंचार्ज डॉ. रवि दास माजरी से कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि नंदनी की कोई होम डिलिवरी नहीं हुई। यही नहीं, महिला की गर्भवती होने का भी कोई रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। डॉ. रवि दास माजरी की रिपोर्ट में यह पाया गया कि मीना नंदा के घर किसी बच्चे का जन्म नहीं हुआ। नंदनी ने झूठा शपथ-पत्र देकर विभाग को गुमराह किया।