अंबाला। वंदे भारत सहित अन्य ट्रेनों से पशुओं के टकराने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे ट्रेन दुर्घटना का अंदेशा बना है और जान-माल का नुकसान होने का भी डर लगा रहता है।
रेलवे ने इस समस्या से निपटने के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत रेलवे स्टेशन, परिसर, रेलवे कॉलोनी की तरफ से स्टेशन की तरफ आने वाले रास्ते, रेलवे कॉलोनी, डीआरएम ऑफिस सहित अन्य जितने भी रेलवे से जुड़े क्षेत्र हैं। सभी पर काऊ कैचर लगाए जाएंगे, जिससे कि बेसहारा पशु रेल पटरियों तक न पहुंच पाएं।
रिहायशी क्षेत्रों के साथ सटी रेल पटरियों के पास भी लोहे की कंटीली तार लगाए जाएंगे, जिससे कि किसी रेल पटरी पर किसी तरह प्रकार का कोई भी आवागमन न हो और ट्रेनों का पूर्णत: सुरक्षित तौर पर संचालन हो सके।
आवागमन द्वार पर काम शुरू
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के आवागमन द्वार पर रेलवे ने कार्य शुरू करवा दिया है। इसकी शुरुआत निकासी द्वार से की गई है। यहां रास्ते को जेसीबी की मदद से खोद दिया गया है। इसके बाद आगमन द्वार पर लगे काऊ कैचर को भी बदलने की तैयारी की जा रही है। वहीं रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने के लिए अन्य जितने भी रास्ते हैं, चाहे वो आरएमएस कार्यालय की तरफ जाने वाला रास्ता है या फिर रेलवे यूनियन व सीआईए का रास्ता। इन रास्तों पर भी काउ कैचर लगाए जाएंगे।
वर्जन
ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को लेकर काऊ कैचर लगाने की कार्रवाई शुरू की गई है। प्रथम चरण में रेलवे स्टेशन को काऊ कैचर से लैस किया जा रहा है। इसके लिए कुछ जगह को चिह्नित भी किया है, जिससे कि किसी भी हालत में बेसहारा पशु रेल पटरियों तक न पहुंच पाएं।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।