सरकार द्वारा प्रदेश भर में चल रही प्राइवेट एंबुलेंसों पर पैसेंजर व गुड्स टैक्स लगा दिए जाने के विरोध में रविवार को सभी एंबुलेंस चालक सिटी के सेक्टर आठ स्थित हुडा मैदान में एकत्रित हुए और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।इस दौरान सभी ने मिलकर सुच्चा सिंह को प्रधान नियुक्त किया और साफ कर दिया कि जब तक सरकार फैसला नहीं बदलती, तब तक विरोध जारी रहेगा। एंबुलेंस चालक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। स्वास्थ्य मंत्री की गैर मौजूदगी में एंबुलेंस चालक उनके पीए को अपना ज्ञापन सौंप आए। एंबुलेंस चालकों ने साफ कर दिया कि यदि सरकार ने उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया तो 15 सितंबर से वह हड़ताल पर चले जाएंगे। सिटी हुडा मैदान में सभी एंबुलेंस चालकों को संबोधित करते हुए सुच्चा सिंह ने कहा कि सरकार एंबुलेंस चालकों पर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस संचालक न तो सवारियों को बिठाते हैं और न ही सामान ढोने का काम करते हैं, ऐसे में पैसेंजर व गुड्स टैक्स का कोई मतलब नहीं बनता।उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशों के अनुसार सभी प्राइवेट एंबुलेंस चालकों को वाहन की खरीद के समय कंपनी द्वारा निर्धारित कीमत का 6 प्रतिशत जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं। इतना ही नहीं खरीदे गए समय के बाद जितने साल बीत गए उसके अनुसार जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सुच्चा सिंह ने कहा कि एंबुलेंसों पर पैसेंजर टैक्स लगाया जाना सही नहीं है। साथ ही चालकों ने कहा कि कई एंबुलेंसों के तो यह हालात है कि जितनी उनके वाहन की कीमत नहीं है उससे कहीं ज्यादा सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स बन चुका है। चालकों ने साफ कर दिया कि यदि सोमवार को उनकी समस्या का हल नहीं होता तो वह 15 सितंबर से हड़ताल पर चले जाएंगे।