वेंटिलेटर की जांच करते हुए इंजीनियर। विभाग
अंबाला सिटी। शहर के नागरिक अस्पताल में कोरोना काल के समय जिलेभर में 44 वेंटिलेटर दिए थे। इनमें से कुछ ही इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। बाकी अस्पताल में बिना इस्तेमाल के रखे हैं। अधिकारियों का मत है कि जरूरत के आधार पर ही वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाता है।
कोरोना काल में वेंटिलेटर के लिए मरीजों की संख्या अधिक थी। इसलिए उस समय अधिक इस्तेमाल किए जाते थे। वर्तमान में भी अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल में सिर्फ छह वेंटिलेटर इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। विभाग को ये वेंटिलेटर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत पीएम केयर फंड के जरिये स्वास्थ्य विभाग को मिले थे। इसलिए इनका बिल भी नहीं है। विभाग के पास एचएमएससीआई के जरिये वेंटिलेटर पहुंचाए थे।
समय-समय पर कराते हैं जांच
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. हितार्थ ने बताया कि जो भी वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं हैं। उनकी समय समय पर जांच की जाती है। अस्पताल में लगे एक वेंटिलेटर को शुक्रवार को ही ठीक कराने के लिए भेजा है। ठीक होने के बाद उसे इस्तेमाल में लिया जाएगा। समय समय पर वेंटिलेटरों के एयर फिल्टर भी ठीक कराए जाते हैं।
इसलिए जरूरी है वेंटिलेटर
वेंटिलेटर का इस्तेमाल गंभीर मरीज को कृत्रिम सांस देने के लिए किया जाता है। वेंटिलेटर ऑक्सीजन व हवा के सहारे मरीज को सांस देने का काम करता है। इसके साथ ही मरीज के शरीर में हो रही शारीरिक बदलाव को भी जांचने में सहायक होता है। समय रहते अगर अच्छे वेंटिलेटर की सुविधा मिल जाए तो मरीज की जान भी बच जाती है।
वर्जन
विभाग को भी वेंटिलेटर जो उपलब्ध हुए थे उन्हें समय समय पर चलाकर देखा जाता है। जिस अस्पताल को वेंटिलेटर दिए हैं। वहां का प्रबंधन ही उनकी देखरेख कराता है। जरूरत के आधार पर ही वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाता है।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, अंबाला।