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Haryana: प्रदेश में पराली जलाने में अंबाला 56 केस के साथ सबसे आगे, कुरुक्षेत्र दूसरे नंबर पर

Tue, 10 Oct 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

हरियाणा में 15 सितंबर से पराली जलाने के केस आने शुरू हुए जो लगातार आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में पराली के अवशेष जलाने में अंबाला नंबर एक पर पहुंच गया है। सबसे ज्यादा केस अंबाला में सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र दूसरे नंबर है। बीते 15 सितंबर से यह केस आने शुरू हो गए थे। हरसेक से रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग लगातार किसानों के चालान कर रहा है, मगर अंबाला में चालान काटने को लेकर प्रशासन व किसान आमने सामने हैं।
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अंबाला की बात करें तो आठ अक्तूबर रात तक 56 केस पराली जलाने के आ चुके हैं। इन किसानों के चालान काटने के बाद 70 हजार जुर्माना भी किया गया है। इसी तरह कुरुक्षेत्र में 49 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। प्रदेश में 22 जिलों में 14 जिले पराली जला रहे हैं।

वहीं, पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग जागरूक कर रहा है। वहीं चालान काटकर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। चालान काटने को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत अंबाला में आ रही है। चालान काटने को लेकर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह इसका लगातार विरोध कर रही है।
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बता दें कि बीते दिनों किसानों ने चालान काटने गई टीम के कर्मचारियों को बैठा लिया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने किसानों पर केस दर्ज किए थे। केस दर्ज करने के बाद से किसान लगातार विरोध कर रहे हैं। रविवार को भी किसानों ने बैठक कर विरोध किया था और पराली को आग भी लगाई थी।

यूनियन का कहना है कि अगर प्रशासन तीन दिन में उनके खेत से पराली उठा लेता है तो ठीक, नहीं तो वह पराली को आग लगाएंगे। यूनियन की इस चेतावनी के बाद प्रशासन भी सख्त हो गया है। लगातार टीम फील्ड में चालान काटें जा रहे हैं।

82500 वसूला जुर्माना
पराली जलाने को लेकर कृषि विभाग ने अब तक 69 चालान कर 82 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला। जिले में अब तक पराली जलाने की 56 जगह हरसैक हिसार द्वारा चिह्नित की गई है और 13 जगह का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम द्वारा स्वयं चिह्नित किया गया है। उपरोक्त कुल 69 चिन्हित जगहों पर विभागीय टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया और उनके द्वारा मौके पर पाई गई आगजनी की घटना में कुल 82 हजार 500 रुपये जुर्माना राशि लगाई गई। कृषि विभाग उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह ने बताया कि भविष्य में अगर कोई भी किसान पराली जलाते हुए पाया जाता है तो उसको जुर्माना लगाया जाएगा व विभाग की सभी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।

प्रदेश में अंबाला में सबसे ज्यादा केस
  • अंबाला 56
  • फतेहाबाद 29
  • हिसार 08
  • झज्जर 02
  • जींद 23
  • कैथल 16
  • करनाल 19
  • कुरुक्षेत्र 49
  • रोहतक 01
  • पानीपत 10
  • पलवल 07
  • सिरसा 01
  • सोनीपत 28
  • यमुनानगर 28
  • कुल 277
नोट: यह आंकड़ा आठ अक्तूबर शाम तक का है।

अंबाला में धान की फसल ज्यादा कट चुकी है, जबकि दूसरे जिलों में यह फसल कम कटी है। इसी वजह से अंबाला में पराली के अवशेष जलाने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। सीजन खत्म होने तक दूसरे जिलों में ज्यादा केस होते हैं और अंबाला में कम हो जाते हैं। -जसविंद्र सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग।
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