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ओवरलोडेड वाहन चालकों से अवैध वसूली पर कई बार दागदार हो चुका है अंबाला

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ओवरलोडेड वाहनों से अवैध वसूली करने के मामले में भले ही अंबाला डीटीओ रमित यादव और करनाल एमवीओ इंस्पेक्टर जसमेर सिंह को काबू कर लिया हो और शनिवार को कोर्ट से तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है। वहीं अंबाला में इस तरह की अवैध वसूली का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी कई बार अंबाला में इस तरह से आरोप लग चुके हैं। 17 दिसंबर 2021 को पूर्व आरटीए सचिव अमरेंद्र सिंह सहित इंस्पेक्टर अजय सैनी को भी अंबाला विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। ये मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। जबकि जून 2022 को ट्रांसपोर्टरों ने एकजुट होकर आरटीए कार्यालय में कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया था और कार्यालय में जमकर नारेबाजी की थी। मामला बढ़ते देखकर टीएसआई का तबादला भी हो गया था। पिछले साल 2021 में आरटीए सचिव आईएएस अधिकारी प्रीति को ओवरलोडेड वाहनों पर शिकंजा कसना महंगा पड़ गया था। हालांकि प्रीति उस समय अतिरिक्त उपायुक्त तैनात थी और आरटीए सचिव का भी कार्यभार था। उस समय प्रीति की गाड़ी पर दो बार टक्कर मारी गई थी। एक बार पूरे काफिले पर ही जानलेवा हमला हो गया था। उस समय एसआईटी गठित की गई थी और 40 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। बता दें कि अंबाला डीटीओ रमित यादव के पास पंचकूला और यमुनानगर का भी अतिरिक्त चार्ज था। मूलरुप से झज्जर के गांव खातीवास निवासी रमित यादव वर्ष 2018 में गुरुग्राम में टीएम के पद पर कार्यरत थे। यादव ने ड्यूटी पर रहते हुए यूपीएससी की परीक्षा में 820वां रैंक हासिल किया था।
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