अंबाला। अंबाला डिपो के लिए वर्ष 2023 लोगों को सुविधाएं देने में गुजर गया। यहां पूरे वर्ष में अंबाला डिपो को कुल 62 बसों की सौगात मिली। इससे कई ऐसे रूट शुरू किए गए जिन पर बसें न के बराबर थीं। वहीं इन 62 में से नौ बसें एसी सुविधा से युक्त मिलीं। इससे अंबाला से चंडीगढ़, हरिद्वार, दिल्ली, पटियाला, जालंधर, देहरादून आदि रूटों पर जाने वाले यात्रियों को राहत मिल रही है।
साथ ही नारायणगढ़ उपमंडल से भी रोडवेज ने बसों की सुविधा दी जा रही है। ऐसे में इस साल अंबाला सिटी के साथ नारायणगढ़ बस स्टैंड और अंबाला छावनी बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। साथ ही डिपो के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं अन्य 53 बसों में 48 नई बड़ी बसों को विभिन्न रूटों पर संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही पांच छोटी बसों को भी शहर, अंबाला छावनी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया गया है। नई बसों के आने के बाद पुरानी बसों को हटाया गया।
इस साल अंबाला डिपो को इलेक्ट्रिक बसों की सौगात भी मिली। हालांकि बसें लाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। वर्ष 2024 में डिपो को बसें मिलने की उम्मीद है। साथ ही बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाने की घोषणा सिरे चढ़ गई है। जल्द ही पर्यावरण को ध्यान में रखने वाली इन बसों का संचालन अंबाला के विभिन्न रूटों पर हो सकेगा।
एक कार्ड से यात्रा
इसी तरह से अंबाला में रोडवेज द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को कैशलेस सुविधा देने के लिए नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड यानी एनसीएमसी बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत कुछ कार्ड बना भी दिए गए हैं। इस कार्ड को रखने वाले लोग मैट्रो की तर्ज पर रोडवेज में भी टिकट का भुगतान कर सकेंगे। यह कार्ड रोडवेज की बसों में, मैट्रो आदि स्थानों पर चलेगा। इसमें रिचार्ज कराना होगा।
ई-टिकटिंग गड़बड़ी बन गई प्रदेश में चर्चा का विषय
इस साल रोडवेज की अंबाला डिपो में ई-टिकटिंग को लेकर गड़बड़ी सामने आई। इसमें परिचालकों ने ई-टिकट काटने के बाद रूट काे रद्द दिखा दिया और टिकट की राशि गबन कर गए। मामले ने तूल पकड़ा तो रोडवेज ने जांच कराई और तीन लाख रुपये की दो दिनों के भीतर रिकवरी भी की। इसके साथ ही मामले में 12 कर्मियों पर गाज गिरी। जिसमें से एक कर्मचारी की सेवाएं भी खत्म कर दी गईं। वहीं तीन पक्के कर्मचारियों के पलवल तबादले कर दिए।