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Ambala News: अंबाला डिपो को पंजाब जाने से लग रहा डर, पीआरटीसी और प्राइवेट बसें संभाल रही जिम्मेदारी

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अंबाला डिपो की बसों को पंजाब जाने से डर लग रहा है। जिसके कारण लुधियाना, जालंधर और पटियाला की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों को सामना करना पड़ा रहा है और अंबाला छावनी बस अड्डे पर यात्रियों को बसों की इंतजार करते देखा जा सकता है। वहीं दूसरी और पीआरटीसी और पंजाब की प्राइवेट बसें जिम्मेदारी संभाल रही है और यात्रियों को उनके स्थान पर छोड़ रही है। गौरतलब है कि किसानों के दिल्ली कूच को लेकर दस फरवरी से पुलिस प्रशासन द्वारा शंभू बॉर्डर पर बेरिकेडिंग की हुई है। जिसके कारण किसान शंभू बॉर्डर पर बैठे हुए है। सोमवार को अंबाला छावनी बस अड्डा से अंबाला डिपो की दो बसें लुधियाना होते हुए जालंधर तक गई। जिसमें एक बस नारायणगढ़ से अंबाला छावनी होते हुए लुधियाना तथा दूसरी बस अंबाला सिटी से होते हुए लुधियाना गई। इसके अलावा अंबाला छावनी से 7 बसें पटियाला की ओर गई। इसी के साथ मंगलवार को भी अंबाला डिपो की दो बसे लुधियाना से होते हुए जालंधर गई।
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पंजाब की ओर पीआरटीसी की 15 बसें गई

सोमवार को अंबाला छावनी बस अड्डा से पीआरटीसी की 15 बसें लोहसिंबली, राजपुरा, सरहिंद, खन्ना होते हुए लुधियाना तक गई। इसी तरह से पटियाला के लिए 2 बसों को संचालन किया। यह बसें लोहसिंबली, गन्नौर होते हुए पटियाला पहुंची। वहीं पंजाब नंबर की 14 प्राइवेट बसें अंबाला छावनी बस अड्डा से लोहसिंबली, राजपुरा, सरहिंद, खन्ना होते हुए लुधियाना तक जा रही हैं।



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रोडवेज का तर्क बसें और स्टॉफ किसान आंदोलन की व्यवस्थाओं में



रोडवेज अधिकारियों की मानें तो शंभू बार्डर पर बैठे किसानों के कारण मार्ग बंद है जिसके कारण बसें कम चल रही हैं। इसलिए बसों का पटियाला, लुधियाना मार्ग पर कम संचालन हो रहा है। वहीं शंभू बार्डर पर फोर्स में बसों व कर्मचारियों की डयूटी लगी होने के कारण भी बसें नहीं जा पा रही है। वहीं पंजाब के रास्ते में जाम लगने के कारण भी बसे का संचालन नहीं किया जा रहा है। धीरे धीरे एक एक करके बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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फोटो: 02

एक घंटे से नहीं आई पटियाला की कोई भी बस



पटियाला निवासी दीपक ने बताया कि वह अंबाला अपनी रिश्तेदारी में आया था अब उसे वापस पटियाला जाना है। लेकिन एक घंटा हो गया है। पटियाला की कोई भी बस नहीं आ रही है।





फोटो: 03

भवानीगढ़ निवासी बुजुर्ग महिला प्रोमिला ने बताया कि वह रुड़की से आई है। आधा घंटा पहले एक लुधियाना की बस आई थी। उस बस में भीड ज्यादा थी। उसकी डिस्क में परेशानी होने के कारण वह बस में नहीं बैठ पाई। अब एक घंटे से ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन बस नहीं आ रही है।
वर्जन,,,
शंभू बॉर्डर पर बसों,चालक और परिचालकों की डयूटी लगी होने के कारण और शंभू सीमा पर बैठे किसानों के कारण बसें सीधी नहीं जा रही है। वहीं ग्रामीण मार्ग कई जगह से कच्चा होने के कारण भी बसें नहीं जा रही है। अब धीरे धीरे बसों की संख्या बढाई जाएगी। जिससे यात्रियों को समस्या का सामना न करना पडे़।
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विपुल नांदल, यातायात प्रबंधक, अंबाला डिपो।
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