अंबाला सिटी। नए सिम की डिमांड का काम 95 प्रतिशत पूरा जो चुका है। जल्द ही यह कार्य 100 प्रतिशत तक किया जाएगा। सिम वितरण में अंबाला प्रदेश में 6वें नंबर पर आया है। अभी तक 87 प्रतिशत बच्चों को टैबलेट और एक्टिवेटेड सिम दोनों मिल चुके हैं। इसके लिए अंबाला का प्रदेश में दूसरा स्थान आया है।
वहीं पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह ई-अधिगम विद्यार्थी और ई-अधिगम अध्यापक दोनों आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हुई है। 195 अध्यापक ई-अधिगम अध्यापक बने हैं और प्रदेश में 5वीं रैंक पाई है। वहीं, 79 विद्यार्थी भी ई-अधिगम बने। जिला और खंड स्तर पर पाल यूसजर को बहुत बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही बहुत जल्द करीब अन्य सभी विषय शुरू हो रहे हैं।
जिला शिक्षा सदन में ई-अधिगम के तहत टैबलेट और सिम वितरण समेत अन्य कार्यों को लेकर जिला स्तरीय बैठक हुई। अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने की। वहीं निदेशालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों की बैठक ली और शत प्रतिशत तक इन कार्यों को करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि अधिकारी स्कूलों में जाकर टैबलेट को लेकर समीक्षा करेंगे और पिछले सप्ताह किए गए कार्य चेक करेंगे। अगर कार्य कमजोर मिला तो शिक्षक को मोटिवेट किया जाएगा और अगर अच्छा मिला तो उनकी सराहना होगी।
पिछले सप्ताह की समीक्षा के बाद अगले सप्ताह के कार्य की प्लानिंग भी की जाएगी। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी समीक्षा के अगले दिन निदेशालय में रिपोर्ट सबमिट करेंगे। बैठक में डाइट प्रिंसिपल प्रतिनिधि, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, ई-अधिगम जिला नोडल अधिकारी सुशील अरोड़ा, ई-अधिगम जिला वितरण नोडल अधिकारी कामेश गर्ग, खंड नोडल अधिकारी, टेक्निकल टीम सदस्य भी मौजूद रहे।
नौ बच्चे समर पाल और एक टीचर पाल बना
ई-अधिगम के तहत समर पाल हीरो चैलेंज में जिले के नौ बच्चे समर पाल हीरो बने हैं और एक टीचर पाल बना है। समर हीरो चैलेंज में जिले से 33 प्रतिशत विद्यार्थियों ने भाग लिया और प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं अध्यापकों को भागीदारी 64 प्रतिशत रही। यह प्रदेश में सबसे अधिक रही।
ई-अधिगम के तहत टेबलेट और सिम वितरण समेत अन्य कार्यों को लेकर जिला स्तरीय मीटिंग ली गई है। जल्द ही टैबलेट वितरण शत प्रतिशत किया जाएगा और इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा।
-सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
ई-अधिगम कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शत प्रतिशत अध्यापक और विद्यार्थी ई-अधिगम बनाना है। विभाग के निर्देशानुसार अधिकारी जिला व खंड स्तर पर हर माह आठ विद्यालयों में विजिट कर समीक्षा करेंगे।
-सुशील अरोड़ा, जिला नोडल अधिकारी, ई-अधिगम।