अंबाला। चंडीगढ़ से शराब की तस्करी का खेल फिर शुरू हो गया है। आचार संहिता के दौरान बरती जा रही सख्ती में ढिलाई के चलते शराब तस्कर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
पिछले छह माह में आरपीएफ और जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये की शराब पकड़ी है जो अवैध तरीके से बिहार ले जाई जा रही थी। इसी कड़ी में एक बार फिर आरपीएफ की सीआईबी टीम ने प्लेटफार्म नंबर 1-ए पर छापामारी करते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा है जोकि चंडीगढ़ से शराब लेकर अंबाला कैंट स्टेशन पर आया था और यहां से शराब को बिहार लेकर जाने वाला था।
आरोपी की पहचान चंपारण बिहार निवासी रूपेश कुमार के तौर पर हुई है। उसके पास से 9900 रुपये की 18 बोतल अंग्रेजी शराब की जब्त की गई है। पकड़ी गई शराब का कोई भी दस्तावेज व बिल आरोपी के पास नहीं था। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो पहले भी कई बार चंडीगढ़ से शराब लेकर बिहार जा चुका है।
पहले वो पिट्ठू बैग में शराब की बोतलें ले जाता था, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते उसने कार्यशैली में बदलाव कर लिया और एक नामी कंपनी का ब्रीफकेस लेकर, उसमें शराब की बोतलें ले जाना लगा, जिससे कि किसी को शक न हो। आरोपी के खिलाफ जीआरपी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
शराब तस्करी के मामले
24 अप्रैल को 32 हजार 500 रुपये की 65 अंग्रेजी शराब की बोतलें, 23 अगस्त को 15 हजार रुपये की 36 अंग्रेजी शराब की बोतलें और चार सितंबर को 15 हजार रुपये की 36 शराब की बोतलें जब्त की गई। 18 सितंबर को भी आरपीएफ की सीआईबी टीम ने एक शराब तस्कर को पकड़ा था और उसके कब्जे से 16 हजार 800 रुपये की अंग्रेजी शराब की 48 बोतलें जब्त की गई थी। इस प्रकार 23 सितंबर को 7200 रुपये की 24 बोतल शराब पकड़ी गई थीं।
वर्जन
ट्रेनों के माध्यम से हो रही शराब की अवैध तस्करी को रोकने के लिए लगातार छापेमारी हो रही है। आरपीएफ के साथ मिलकर यह संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ मामलों में आरोपियों को भी पकड़ा गया है जो चंडीगढ़ से सस्ते रेट पर शराब लेकर आए थे और इसे प्रतिबंधित क्षेत्र बिहार में ले जाने वाले थे।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी अंबाला।