अंबाला। राजमार्गों पर वाहनों की तेज रफ्तार आए दिन हादसों का कारण बन रही है। खासकर अंबाला दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सबसे अधिक तेज गति से वाहनों का गुजरते देखा जा सकता है। यही हाल साहा-जगाधरी राजमार्ग का है। इस धुंध और वाहनों का तेज गति के कारण हाल ही में हादसे भी हुए हैं।
बुधवार को भी एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे पांच से छह दिन पहले भी एक ट्रक अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर पलट गया था। अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर तो यह आलम है कि रोजाना कई वाहन 150 से 160 की स्पीड से निकलते देखे जा सकते हैं। यही वाहन कहीं न कहीं खुद के साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं लेन ड्राइविंग में भी लापरवाही यहां पर देखने को मिल रही है। यही कारण है कि हाल ही में पुलिस ने इन मामलों में सख्ती दिखाई और गलत लेन में चलने वालों पर एफआईआर करना भी शुरू कर दिया है। अभी तक गलत लेन में चलने पर दो एफआईआर पुलिस दर्ज कर चुकी है।
कैमरे नहीं हो सके शुरू
वाहनों की तेज रफ्तार पर निगरानी रखने के लिए करनाल पुलिस ने एक कंपनी से करार किया था। बताया जाता है कि कंपनी से विवाद होने पर अंबाला-दिल्ली राजमार्ग पर शहीद स्मारक के पास ही फुट ओवर ब्रिज पर कैमरे शुरू नहीं हो सकेंगे। इस कारण यहां से वाहन काफी तेज गति से गुजरते हैं। बताया जाता है कि कैमरे के लिए इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगहों पर ऐसी स्थिति चल रही है। वर्ष 2020 में इन कैमरों को लगाया गया है। इसके बाद से यह अभी तक शुरू नहीं हो सके।।
प्रति घंटा 90 किलोमीटर की रफ्तार
राष्ट्रीय राजमार्गों पर अलग-अलग लेन होती हैं। इसमें अलग श्रेणी के वाहनों को चलना होता है। अधिकतम छोटे वाहन 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकते हैं। मगर अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर कई वाहन 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आमतौर पर चलते दिखाई दे रहे हैं। ओवरस्पीड की सबसे अधिक दिक्कत अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर दिखाई देती है। तेज रफ्तार वाहनों के चालानों पर गौर करें तो इस साल 8 जनवरी से अब तक कुल 143 चालान यातायात पुलिस कर चुकी है।
ओवर स्पीड में पुलिस ने किए ये चालान
पुलिस ने वर्ष 2023 में अत्यधिक तेज गति से वाहन चलाने पर 2115 चालान किए हैं। जिसमें 15 ड्राइविंग लाइसेंस का निरस्तीकरण भी कराया है। इसके साथ ही इन चालानों से सरकार को 43 लाख 30 हजार रुपये का राजस्व मिला है। वहीं अगर इस श्रेणी में वर्ष 2022 में की कार्रवाई पर नजर डालें तो चालान 2505 किए गए, एक भी लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया। वहीं वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2022 में ओवरस्पीड के चालानों में 54 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
एनएचएआई का दावा, लगाए हैं चेतावनी बोर्ड
लोग नियमानुसार रफ्तार में चलें। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अंबाला दिल्ली राजमार्ग, अंबाला लुधियाना राजमार्ग, अंबाला जगाधरी राजमार्ग, अंबाला हिसार राजमार्ग, अंबाला नारायणगढ़ राजमार्ग मौजूद हैं। जहां पर दिन का ट्रैफिक भी 40 हजार से एक लाख वाहनों का है।
यातायात पुलिस को जरूरत तीन रेडार युक्त इंटरसेप्टर मिला एक
यातायात पुलिस के पास अंबाला में संसाधनों की भारी कमी है। सबसे पहले तो अंबाला में राष्ट्रीय राजमार्ग चार से पांच हैं, ऐसे में यहां पर कम से कम तीन रेडार युक्त इंटरसेप्टर की जरूरत है। मगर मौजूदा समय में एक ही इंटरसेप्टर है जो दिन में एक ही राजमार्ग को कवर कर पाती है। इस इंटरसेप्टर के रेडार से बिना रोके ओवरस्पीड के चालान किए जा सकते हैं। इसी प्रकार यातायात पुलिस के पास स्टॉफ की कमी है। काम चलाने के गृहरक्षियों की ड्यूटी लगा दी जाती है मगर हालात अधिक ठीक नहीं है। इस समस्या से अंबाला की ट्रेफिक पुलिस लगातार जूझ रही है। कई बार महकमे में इंटरसेप्टर गाड़ियों व स्टॉफ की मांग की जा चुकी है मगर वह अभी तक पूरी नहीं होती दिखाई दे रही है।
वर्जन
हमने राजमार्गों पर स्पीड बोर्ड लगाए हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर विभाग जो भी कार्य कर सकता है वह किया जा रहा है
आशिम बंसल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
वर्जन
राजमार्गों पर तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में 143 चालान ओवरस्पीड के किए गए हैं। वाहन चालकों को जागरूकता के माध्यम से निर्धारित गति से चलने की सलाह भी दी जा रही है।
- जोगिंदर सिंह, एसएचओ, ट्रेफिक पुलिस
अंबाला दिल्ली नेशनल हाइवे स्थित निर्माणाधीन शहीदी स्मारक के सामने पुल पर लगे बंद पडे़ सीसीटीवी