अंबाला सिटी। अंबाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। इसके लिए दोबारा से पत्राचार शुरू हो गया है। दरअसल इस मामले में नई बात सामने आई है कि जिस कैंटोनमेंट क्षेत्र में जमीन को मांगा जा रहा है उसके लिए रक्षा मंत्रालय हरियाणा सरकार को करीब 133 करोड़ रुपये देने की बात कही है। मगर अब हरियाणा सरकार ने जब इस पर मंथन किया तो वह एक नतीजे पर पहुंच कि अगर एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित जमीन को रक्षा मंत्रालय एक समझौते (एमओयू) के तहत हरियाणा सरकार को दे देता है तो इस जमीन पर अंबाला का घरेलू एयरपोर्ट बनाना और भी प्रदेश सरकार के लिए आसान हो जाएगा।
इसके लिए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, सिविल एविएशन हरियाणा के अधिकारियों और अन्य उच्चाधिकारियों के बीच मंत्रणा हुई तो इसी प्रस्ताव पर सहमत हुए। अब दोबारा से सिविल एविएशन विभाग हरियाणा भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखेगा। इसके बाद रक्षा मंत्रालय को जो जवाब आता है। उसके आधार पर आगे एयरपोर्ट के लिए निर्णय लिया जा सकेगा। गौरतलब है कि अंबाला का घरेलू एयरपोर्ट गृहमंत्री अनिल विज का भी ड्रीम प्रोजेक्ट है। वह भी इसके लिए काफी प्रयास कर रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने निकाला ये रास्ता
हरियाणा सरकार ने जब इस मामले में गहन अध्ययन किया तो एक प्रावधान सामने आया कि अगर भविष्य में कभी राष्ट्रीय हित में रक्षा मंत्रालय को जरूरत पड़ती है ताे हरियाणा सरकार अपने पास से एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित जमीन के टुकड़े जितनी कीमत रक्षा मंत्रालय को दे सकती है। अब यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के बोर्ड को कितना भाता है यह तो भविष्य ही बताएगा। मगर इस रणनीति से एक बात तो साफ है कि एमओयू के माध्यम से हरियाणा सरकार काफी कम लागत में इस एयरपोर्ट को शुरू कर सकेगी। क्योंकि जमीन मिलने के बाद सिर्फ निर्माण का काम ही शेष रह जाएगा। जिसे आसानी से कुछ ही करोड़ रुपये खर्च कर पूरा किया जा सकता है।
इस सप्ताह भेजा जाएगा जवाब
इस सप्ताह हरियाणा के सिविल एविएशन विभाग की तरफ से रक्षा मंत्रालय को इस बाबत चिट्ठी लिखी जाएगी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय का जैसा भी मत आता है उस हिसाब से आगे बढ़ा जाएगा।
अनौपचारिक रूप से 20 एकड़ जमीन तय
अभी तक अंबाला एयरपोर्ट के लिए अनौपचारिक रूप से करीब 20 से 25 एकड़ जमीन प्रशासन ने तय की हुई है। जमीन का टुकड़ा कैंटोनमेंट क्षेत्र में आता है। इसके साथ ही यहां पर वायु सेना की ही पट्टी का प्रयोग करने की योजना है। वहीं प्रशासन को एयरपोर्ट के लिए टर्मिनल बनाना होगा। इधर सिविल एविएशन विभाग ने टर्मिनल और एयरपोर्ट के अन्य कार्यों के लिए डिजायन तैयार किया हुआ है। जैसे ही जमीन की बात फाइनल होगी वैसे ही सिविल एविएशन निर्माण कार्य शुरू करा देगा।