अंबाला। टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती मिलेगी। अब खांसी की आवाज का विश्लेषण कर एआई टीबी रोगियों की पहचान करेगा। इसके लिए एक एप की सहायता ली जाएगी। कैंट के नागरिक अस्पताल में कफ अगेंस्ट टीबी एप का वीरवार को सफल प्रशिक्षण हुआ, जिसका उद्देश्य टीबी की प्रारंभिक पहचान को तकनीक के माध्यम से और अधिक तेज व प्रभावी बनाना है। वाधवानी एआई टीम के विशेषज्ञ तुमुल राय ने स्वास्थ्यकर्मियों को एप की तकनीकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से खांसी की आवाज का विश्लेषण करता है व उन विशिष्ट ध्वनियों की पहचान करता है जो टीबी से संभावित रूप से जुड़ी हो सकती हैं। एप मोबाइल फोन के माइक्रोफोन से खांसी रिकॉर्ड करता है और एआई एल्गोरिदम उसके ऑडियो सिग्नल का विश्लेषण कर प्रेसम्पटिव टीबी मरीजों की पहचान में सहायता करता है। इससे फील्ड में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत संदिग्ध मरीजों को चिह्नित करने और आगे की जांच के लिए भेजने में मदद मिलती है।
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में टीबी एप के बारे में जानकारी देते हुए तुमुल राय: स्वयं