शहर में जर्जर हो चुकी इमारतों की भरमार है। इन इमारतों में अधिकतर ऐतिहासिक हैं और पूरी तरह से जर्जर होने के कारण कई बार इसके हिस्से तक गिर चुके हैं। इसके बावजूद भी सुध नहीं ली गई। बीते रोज परशुराम कॉलोनी में दो मंजिला जर्जर इमारत गिरने से बुजुर्ग की मौत के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। डीसी की ओर से जिले की सभी जर्जर भवनों का निरीक्षण कर उन्हें असुरक्षित घोषित करने और खाली करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
परशुराम कॉलोनी में मकान की छत गिरने से हुए हादसे वाले क्षेत्र का वीरवार को उपायुक्त ने दौरा किया। उनके साथ एसडीएम हितेष कुमार, नगर निगम डीएमसी विनोद नेहरा, डीआरओ कैप्टन विनोद शर्मा व डीएसपी रमेश कुमार मौजूद रहे। उपायुक्त विक्रम सिंह ने यहां पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। जिस भवन में यह हादसा हुआ था, वहां पर रह रहे लोगों से भी बातचीत की। उपायुक्त ने लोगों को कहा कि यह भवन काफी जर्जर है। ऐसे में वह अपना सामान यहां से लेकर नजदीकी धर्मशाला में लें जाएं, क्योंकि बारिश का मौसम है। उन्होंने डीएसपी और डीएमसी को निर्देश दिये कि यहां पर जो लोग रह रहे थे और उनका जो सामान है, उसे यहां से निकलवाएं और संबंधित लोगों को नजदीकी किसी धर्मशाला में आश्रय दिलवाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जिस भवन में यह हादसा हुआ है, वहां पर बैरिकेड लगवाकर इस संबंध में सूचना भी चस्पा करवाएं। जर्जर भवन का सर्वे करवाकर जो आगामी कार्रवाई की जानी है, उसे भी करवाएं। वहीं उपायुक्त विक्रम सिंह ने आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिये हैं कि जिला अंबाला में ऐसी सभी पुरानी व असुरक्षित इमारतों का जल्द से जल्द निरीक्षण करवाकर उन्हें असुरक्षित घोषित कर खाली करवाया जाए। साथ ही कंडम व नष्ट करवाने की प्रक्रिया भी जल्द अमल में लाई जाए ताकि भविष्य में जानमाल के नुकसान से बचा जा सके। विदित हो कि अंबाला जिले में ऐसी कई पुरानी व असुरक्षित इमारतें है जो कि काफी जर्जर हालत में हैं और कभी गिर सकती हैं।
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जर्जर भवनों के नीचे सालों से सज रहा बाजार, कई बार बचे दुकानदार
छावनी सदर बाजार में कई भवन पुराने समय के बने हुए हैं। दशकों पुराने यह भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। बावजूद इसकी मरम्मत तक नहीं करवाई जा रही। यहीं कारण है कि बाजार के बीचोबीच बने इन खंडहर भवन के नीचे ही दर्जनों दुकानदार अपना जीवन यापन करने को मजबूर है। दुकानदारों की मानें तो कई बार बिल्डिंग के कुछ हिस्से टूटकर गिर चुके हैं। सालों से यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब प्रशासन जगेगा और स्थानीय लोगों के सिर से यह मौत का साया हटेगा।
30-35 साल से देख रहे हैं यह हालत, कब होगा समाधान
हिल रोड निवासी जसबीर सिंह का कहना है कि करीब 30-35 साल से उनके साथ वाली बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। पेड़ इतने बड़े-बड़े हो चुके हैं कि उनकी जड़ें भी दीवारों में जाने लगी है। यहीं कारण है कि दीवारें टेड़ी हो गई हैं। कुछ जड़े तो उनके घर की तरफ भी आ रही है। ऐसे में हमेशा हादसा होने का खतरा मंडराता रहता है। कई बार ईओ से मिलकर गुहार लगा चुके, बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका।
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सदर बाजार की जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने में जुटा प्रशासन
12 जुलाई को अचानक सदर बाजार बिहारी पान वाले के पास तीन मंजिला पुराने भवन का हिस्सा गिरने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। गृहमंत्री अनिल विज ने खुद मौके का मुआयना किया था और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारी इस बिल्डिंग को तोड़ने में जुटे रहे। बाजार का यातायात बाधित कर दिनभर बिल्डिंग को तोड़ने का काम चला।