घटना स्थल पर पड़े मृतक लड़कों की मोटरसाइकिल।
शहजादपुर। शहजादपुर सादिकपुर मार्ग पर सोमवार शाम सड़क हादसे में पुलिस ने मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। गांव के ही पूर्व सरपंच की शिकायत पर हादसे को अंजाम देने वाले कार चालक पर केस दर्ज कर लिया। इस मामले में रात्रि दो बजे तक स्थानीय लोग रास्ता जाम किए खड़े रहे। इसके बाद डीएसपी ने आश्वासन दिया तो मार्ग खोला था।
जानकारी अनुसार सादिकपुर गांव निवासी पूर्व सरपंच बहादुर सिंह ने शहजादपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार शाम को अपने किसी निजी काम से शहजादपुर गया था और काम समाप्त होने के बाद लगभग सात बजे के करीब वापिस अपने गांव जा रहा था। जब वह बुजुर्ग मोड़ के नजदीक पहुंचा तो उसके पीछे से शहजादपुर की तरफ से एक मोटर साइकिल आती दिखी। जिस पर तीन लड़के सवार थे। सामने से एक कार तेज रफ्तार में शहजादपुर की तरफ जा रही थी। इस कार चालक ने मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद तीनों युवक सड़क पर उछलकर गिर पड़े। इस हादसे को देखकर वह रुक गया और कार चालक ने भी कार एक तरफ कर ली। जब शिकायतकर्ता ने घायल लड़कों को देखा तो पहचान लिया। वह शिकायतकर्ता के ही गांव के थे। जिसमें लगभग 22 वर्षीय विशाल कुमार, मंहगा राम (27 वर्ष ) व रजनीश कुमार (18) थे। थोड़ी देर बाद वहां आने जाने वाले लोग रुक गए और शिकायतकर्ता ने हिम्मत करके तीनों लड़कों को हिलाकर देखा। जिसमें से विशाल कुमार व महंगा राम की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी व रजनीश घायल अवस्था में चीख रहा था। ऐसे में कुछ लोगों की मदद से पास में ही पड़ी दुर्घटना करने वाली कार का नंबर पड़ा। जोकि नारायणगढ़ नंबर की थी। इस दौरान कार चालक मौका देखकर कार लेकर निकल गया। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया वह कार चालक काे पहचान सकता है। इसके बाद लोगों की मदद से घायल रजनीश को निजी गाड़ी से सीएचसी शहजादपुर ले गए जहां से उसे सेक्टर 32 स्थित अस्पताल में भेज दिया।
लोगों ने डीएसपी के आश्वासन के बाद खोला था जाम
गौरतलब है कि हादसे के बाद काफी देर तक भी पुलिस और एम्बुलेंस न पहुंचने पर लोगों ने शहजादपुर सादिकपुर मार्ग पर जाम लगा दिया था। उस समय वहां पर लोगों का आरोप था कि इस हादसे को एक अवैध खनन का काम करने वाले टिपर ने अंजाम दिया है और लोगों का यह भी कहना था कि यह खनन सामग्री लेकर जाने वाले टिपर यातायात के नियमों को दरकिनार करते हैं। यहां पर पहुंचे थाना प्रभारी शहजादपुर ने समझाने की कोशिश की थी, मगर लोग मौके पर एसपी अंबाला को बुलाए जाने पर अड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी नारायणगढ़ आदर्शदीप ने लोगों को उचित कार्रवाई किए जाने का आशावान दिया था।