संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। लुधियाना के डांगरू से पिहोवा रोड स्टेशन जा रही फूड ग्रेन मालगाड़ी के दो डिब्बे अंबाला रेल यार्ड में बेपटरी हो गए। ये वो ही डिब्बे थे जोकि पिछली बार भी रिपेयर करने के बाद बेपटरी हो गए थे। अब रेलवे इन्हें हटाने जाने जा रही है, जिससे कि लगातार हो रहे हादसों से छुटकारा मिल सके।
यह घटना मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे की है। जब फूड ग्रेन मालगाड़ी सुबह 4.55 पर जैसे ही अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर नौ से निकली तो पांच मिनट बाद ही वैगन नंबर 27 और 28 बेपटरी हो गए।
इसका असर अंबाला-दिल्ली और सहारनपुर रेल सेक्शन पर देखने को मिला। प्लेटफार्म 7 पर आने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म 6 पर डायवर्ट कर दिया गया। रिलीफ क्रेन की मदद से मालगाड़ी के डिब्बों को अलग किया गया। इसमें से आधे डिब्बे दिल्ली की तरफ और आधे अंबाला रेलवे यार्ड में भेजे गए। यह कार्य लगभग 1 घंटे में सुबह 6 बजे पूरा कर लिया गया और इसके बाद ट्रेनों का संचालन आरंभ कर दिया गया। जबकि हादसे वाले रेल सेक्शन को सुबह 11.20 बजे पूरी तरह क्लीयरेंस दी गई और इसके बाद ट्रेनों को प्लेटफार्म 7 पर भेजने का सिलसिला शुरू हुआ। गौरतलब है कि 23 दिन में डिरेलमेंट का यह तीसरा मामला है। हालांकि इसमें दो हादसे फूड वैगन से संबंधित हैं जबकि एक मालगाड़ी से।
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
ट्रेन 04584 कैंट-पानीपत मैमू एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से गंतव्य की तरफ रवाना हुई। ट्रेन 19411 साबरमती-दौलतपुर चौक एक्सप्रेस 45 मिनट की देरी से, 15707 कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस 40 मिनट की देरी से, 04593 कैंट-नंगलडैम-अंब अंदौरा एक्सप्रेस 30 मिनट की देरी से, 22429 दिल्ली-पठानकोट 15 मिनट, 14717 बीकानेर-हरिद्वार 15 मिनट, 12920 मालवा एक्सप्रेस 20 मिनट, 12460 अमृतसर-नई दिल्ली 15 मिनट, 04690 जालंधर-अंबाला 20 मिनट, 04548 बठिंडा-अंबाला 30 मिनट लेट।
सात अप्रैल को दूसरा हादसा
दूसरा हादसा सात को रेलवे यार्ड की लाइन छह पर हुआ। इस लाइन पर खाली मालगाड़ियों को खड़ा किया जाता है, जिससे कि जरूरत अनुसार इनका संचालन किया जा सके। लेकिन घटना के दिन जब खाली मालगाड़ी को पीछे किया जा रहा था तो अचानक मालगाड़ी का अंतिम डिब्बे के पहिए बेपटरी हो गए, क्योंकि इन पर क्रेन लदी हुई थी। प्राथमिक जांच में यह मानवीय भूल का मामला था और इसलिए प्वाइंट्समैन सहित उप मुख्य रेल यार्ड मास्टर को निलंबित कर दिया था। अभी इस मामले की जांच पांच सदस्यी विभागीय अधिकरियों की टीम कर रही है।
20 मार्च को पहला हादसा
पहला हादसा 20 मार्च को अंबाला रेलवे यार्ड में लुधियाना एंड की तरफ हुआ था। इस दौरान भी एग्री वैगन के डिब्बे बेपटरी हो गए थे। सुपरवाइजर स्तर की प्राथमिक जांच में इसे सीएंडडब्ल्यू विभाग की खामी बताया गया था, जबकि विभागीय अधिकारियों की गठित टीम ने इसे तकनीकी खामी बताया था। वहीं इस हादसे के कारण अंबाला-लुधियाना और कालका सेक्शन प्रभावित हुआ था और वंदे भारत सहित अन्य ट्रेनें बीच रास्ते फंस गई थी।