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Ambala News: उम्मीद नशा मुक्ति केंद्र पर गाज, लाइसेंस जमा कराने के निर्देश

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अंबाला सिटी। कई बार नोटिस देने के बावजूद अनियमितताएं बरतने के चलते साहा स्थित उम्मीद नशा मुक्ति केंद्र को अपना लाइसेंस जमा कराने के निर्देश दिए हैं। करीब तीन महीने पहले नशा मुक्ति केंद्रों और परामर्श सह पुनर्वास केंद्रों की राज्य स्तरीय समिति ने साहा और बीहटा में उम्मीद और दशमेश केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था।
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इस दौरान टीम को केंद्रों में चिकित्सकों की कमी, फायर एनओसी की कमी, मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टाफ भी नहीं था। अब जाकर कमेटी की ओर से साहा स्थित उम्मीद केंद्र को अपना लाइसेंस जमा कराने का नोटिस जारी किया है। पांच दिनों के भीतर संचालक को अपना लाइसेंस जमा कराना होगा।
जिले में अब बचे 15 निजी केंद्र
अंबाला जिले में 17 पंजीकरण नशा मुक्ति केंद्र थे। इनमें से एक सरकारी और 16 निजी थे। अब उम्मीद केंद्र के बंद होने पर जिले में 15 निजी केंद्र रह गए हैं। इन सभी केंद्रों को भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब जाकर राज्य स्तरीय कमेटी की ओर से केंद्र को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जिला स्तरीय कमेटी की ओर से पिछले दो वर्ष से लगातार रिपोर्ट भेजा जा रही है।
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रोजाना आते हैं 100 मरीज
नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना करीब 100 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें से 50 मरीज वो होते हैं जिन्हें किसी न किसी नशे की लत होती है। इनमें किशोर और महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि महिलाओं की संख्या बहुत कम है। जबकि किशोरों अधिक होते हैं।
महिलाओं और बच्चों के लिए भी लगेंगे बेड
जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे केंद्र को जल्द ही डॉट सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा। इस केंद्र में 10 बेड की व्यवस्था होगा। निदेशालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि केंद्र में महिलाओं और बच्चों के लिए भी अलग से बेड की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल में जहां पर नशा मुक्ति केंद्र बना है वहां पर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। उन्हें सामान्य वार्ड में ही भर्ती किया जाता है। यहीं पर फिजियोथेरेपी, एनसीडी और टीबी के मरीज भी भर्ती है। ऐसे में मरीजों के लिए प्रर्याप्त जगह का इंतजाम करना भी कठिन हो रहा था। केंद्र शिफ्ट होने के बाद मरीजों को भी थोड़ी राहत मिलेगी।
वर्जन
राज्य स्तरीय टीम की ओर से ही केंद्र को लाइसेंस जमा कराने का नोटिस जारी हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की इसमें कोई भागीदारी नहीं रहती है। नियमानुसार जो भी कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।
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-डाॅ. राकेश सहल, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला
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