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यार्ड में हादसा : पटरी से उतरकर जमीन में धंसा खाली कोच

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अंबाला। खाली कोच को एक से दूसरी जगह ले जाते हुए हादसा हो गया। इस दौरान कोच पटरी से उतरकर जमीन में धंस गया। गनीमत रही कि यह मामला अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड में हुआ, जहां पुराने कोच आदि की मरम्मत की जाती है। अगर हादसा यह मुख्य लाइन पर होता तो इससे पंजाब की तरफ से आने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित होना निश्चित था।
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मामला वीरवार सुबह 10 बजे का है। प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्वोत्तर सीमा रेल (एनएफआर) का कोच नंबर 182695 लंबी दूरी की एक ट्रेन के साथ अटैच था। इसमें खराबी आई तो इसे अंबाला स्टेशन पर ही ट्रेन से अलग कर दिया गया ताकि इसकी मरम्मत की जा सके। मरम्मत के बाद इसे आज रेलवे यार्ड में खड़ा किया जा रहा था ताकि इसे वापिस एनएफआर को भेजा जा सके, लेकिन इस दौरान पीछे ले जाते हुए कोच अचानक रेल पटरी से उतर गया।
सूचना मिलते ही मंडल के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि जिस रेल पटरी से खाली कोच को पीछे ले जाया जा रहा था, उसका स्तर सही नहीं था। इस कारण जब खाली कोच का दबाव रेल पटरी पर पड़ा तो वो एक तरफ से जमीन में धंस गया। तुरंत रेलवे कर्मचारियों को राहत कार्य में लगाया गया और लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा कोच को पटरी पर रखकर धीरे-धीरे दूसरी जगह ले जाया गया। वहीं इस मामले को लेकर विभागीय जांच शुरु हो गई है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
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पहले भी हो चुके हादसे

अंबाला रेलवे यार्ड में डिरेलमेंट का यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष भी दो से तीन ऐसे ही मामले सामने आए थे। एक मामले में दो रेल कर्मचारियों को निलंबित करके उनकी वेतनवृद्धि को रोक दिया गया था। हालांकि जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। वहीं दो मामलों में मालगाड़ी के कोच में ही तकनीकी खामी मिली थी, इसलिए मालगाड़ी के कोच को ही अलग करके यार्ड में भेज दिया गया था।

रेलवे का दावा, मॉक ड्रिल
रेलवे यार्ड में स्लीपर कोच के शंटिंग के दौरान पटरी से उतरने के मामले को लेकर बेशक विभागीय जांच आरंभ हो गई है। वहीं रेलवे ने दावा किया है कि यह मात्र एक मॉक ड्रिल थी ताकि कोच को पटरी से उतारकर यह देखा जा सके कि इसे कितने देर में और कौन-कौनसे साधनों से पटरी पर चढ़ाया जा सकता है। हालांकि मौके के हालात देखकर ऐसा नजर नहीं आया कि यह एक मॉक ड्रिल थी क्योंकि वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों का दावा था कि पी-वे विभाग की कार्यशैली के कारण ही कोच पटरी से उतरा था। हालांकि इसकी जांच के लिए खुद मंडल के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे जोकि कुछ निर्देश देकर वापिस रवाना हो गए।
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वर्जन
यह मात्र एक मॉकड्रिल थी और कुछ नहीं ताकि कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई पर नजर रखी जा सके
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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