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Ambala News: मंगलयान से शुरू हुआ आरुषि का सफर, परिवार से पहले देश सर्वोपरि

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इसरो के सेंटर में देशवासियों को संबो​धित करती स्पेस साइंटिस्ट आरुषी सेठ।
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वैभव शर्मा
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अंबाला सिटी। अंबाला की रहने वाली इसरो में साइंटिस्ट इंजीनियर आरुषि की कहानी प्रेरणा देने वाली है। वे बताती हैं कि उनके करियर में बड़ी शुरुआत मंगलयान प्रोजेक्ट से हुई। इसके बाद उन्होंने चंद्रयान-2 के लिए मेहनत की।
उनके साथ इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर व्यक्ति ने जान लगा दी। मगर जब चंद्रयान-2 सफल नहीं हुआ तो वैज्ञानिक निराश हुए। मगर हर रात के बाद सुबह होती है। वैसे ही चंद्रयान-3 आया और हम सभी इसे सफल बनाने और पिछली कमियों से सीख लेने के काम में जुट गए। इसके बाद ही आज गौरवशाली पल आया, जब चंद्रयान-3 सफलता के साथ चंद्रमा पर लैंड हो गया। देश को ऐसी ही सफलता की जरूरत थी। उन्होंने हमेशा देश को सभी से आगे रखा और इसी बात से उन्हें बल भी मिला। चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने बाद आरुषि और उनके साथियों का काम शुरू हुआ। वह विक्रम लैंडर पर अपना काम करने में देररात्रि तक जुटी रहीं।
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सुबह निकलती थीं, देर रात को आती

आरुषि के पति सिद्धार्थ बताते हैं कि चंद्रयान-3 के लिए आरुषि ने बहुत मेहनत की। वह सुबह घर से निकलती, कभी रात को एक बजता तो कभी दो बजे घर पहुंचती। इस परियोजना को हर हाल में सफल बनाना था। यही इसरो की टीम ने कर दिखाया। आज पूरा देश उन पर गर्व कर रहा है। इसके साथ ही चंद्रयान-3 को सफल बनाने के लिए उन्होंने देश को आगे रखा। सिद्धार्थ ने बताया कि हम दोनों ही आईआईएसटी से पढ़े हैं। दोनों का ही सपना अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कार्यों में था। आरुषि इसरो चली गई और अब टेलिमेट्री कमांड सेंटर में कार्यरत है। उनका काम लाॅचिंग के बाद शुरू होता है। अब चंद्रयान के बाद वह आगे भी प्रोजेक्ट करेंगी।
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बोलती कम पढ़ती अधिक हैं

आरुषि के ससुर डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा और सास डीएवी स्कूल बराड़ा में उप प्रधानचार्या संगीता शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य चंद्रयान-3 की लैंडिंग को सेक्टर-9 स्थित आवास में टीवी पर देख रहे थे। जैसे ही चंद्रयान चंद्रमा पर उतरा सभी ने खुशी जाहिर की। एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ और आरुषि की शादी वर्ष 2017 में अंबाला में ही हुई थी। आरुषि कम बोलती हैं और पढ़ती अधिक है। उन्हें हमेशा से ही देश के लिए कुछ अच्छा करना था और आगे भी करेंगी। परिवार और सगे संबंधियों में खुशी का माहौल है।

इसरो के सेंटर में देशवासियों को संबोधित करती स्पेस साइंटिस्ट आरुषी सेठ।

इसरो के सेंटर में देशवासियों को संबोधित करती स्पेस साइंटिस्ट आरुषी सेठ।

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