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मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर डटी आंगनबाड़ी वर्कर

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मांगें मनवाने को भूख हड़ताल पर डटी रहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
मांगें मनवाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स आंदोलन जारी रखे हुए हैं। शनिवार को जिला मुख्यालय पर आंगनबाड़ी वर्कर्स ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी। करीब 10 आंगनबाड़ी वर्कर्स सुबह से शाम तक भूख हड़ताल पर बैठी रही औैर उनका समर्थन देने के लिए जिले भर की वर्कर भी धरनास्थल पर मौजूद रहीं। बता दें कि आंगनबाड़ी वर्कर करीब एक माह से आंदोलन जारी रखे हुए हैं। यूनियन व सरकार के बीच किसी भी तरह से बातचीत के जरिये हल नहीं निकल रहा। आंगनबाड़ी वर्कर जिले से संबंध रखने वाले दो मंत्रियों व अन्य विधायकों को मांगपत्र दे चुकी हैं। सरकार व अधिकारियों के पुतले भी फूंक चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर उनकी मांगों का हल नहीं निकाला गया है। यही कारण है कि जिले भर की दो हजार से अधिक आंगनबाड़ी वर्करों ने कामकाज ठप किया हुआ है। यूनियन प्रधान अनुपमा का कहना है कि सरकार लगातार उनके हितों का हनन करने में लगी हैै। मांगों के प्रति गंभीर नहीं है, यदि सरकार का यही रवैया रहा तो आंगनबाड़ी वर्कर बिल्कुल भी अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। वर्करों का कहना है कि उनकी मांग है कि न्यूनतम वेतनमान 18 हजार दिया जाए, एसएचजी का बकाया, मेहनतनामा शीघ्र दिया जाए। भारत सरकार के कर्मचारियों के बराबर सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य सुविधाएं आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को दी जाए। अतिरिक्त हेल्पर से वर्कर पदोन्नति करने के लिए कार्य अनुभव 10 वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया जाए। वर्कर का खाली पद सीधा पात्र हेल्पर से भरा जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी लाभार्थियों को दिए जाने वाले पोषक आहार की मात्रा तथा गुणवत्ता बढ़ाई जाए तथा निर्धारित बजट को मूल्य वृद्धि से जोड़ा जाए। इसके अलावा अन्य मांगे भी उठाई गई।
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