अंबाला। सावधान! साइबर ठगी के लिए शातिर बदमाश अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। बदमाशों की ओर से अब ठगी का नया तरीका अपनाया है। शेयर ट्रेडिंग के नाम से लोगों के व्हाट्सएप पर ग्रुप से जुड़ने का लिंग या सीधा ग्रुप में जोड़ा जा रहा है।
झांसे में लेने के लिए ठग अपने ही अलग-अलग लोगों से ग्रुप में पैसे कमाने के स्क्रीन शॉट डालते हैं। इस तरह से झांसे में लेने के बाद पैसे लगवाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। साइबर क्राइम थाना में इस तरह से दो मामले सामने आए है। एक मामले में जहां सिटी के सेक्टर-9 निवासी रिटायर्ड हेड मास्टर अखिलेश से 40 लाख 44 हजार रुपये, वहीं दूसरे मामले में सिटी के अर्बन इस्टेट सेक्टर-9 में संदीप मंगला से भी करीब नाै लाख 59 हजार रुपये की धोखाधड़ी हो गई।
पहला मामला
रिटायर्ड हेड मास्टर से 40.44 लाख ठगे
पुलिस को दी शिकायत में सिटी के सेक्टर-9 निवासी अखिलेश शुक्ला ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश सरकार से बतौर हेड मास्टर रिटायर्ड हूं। साइबर ठगों ने 28 अगस्त को उसके व्हाट्सएप नंबर एक कंपनी मोतीलाल ओस्वाल वेल्थ मैनेजमेंट ग्रुप से जोड़ा गया। इस ग्रुप में ओर भी लोग जुड़े थे। इसमें शेयर मार्केट इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग के जरिए ट्रेडिंग करने के तरीके बताए जाते थे। ग्रुप में अलग-अलग लोग अपने द्वारा कमाए गए पैसों के स्क्रीन शॉट डालते थे। इस तरह से वह भी झांसे में आ गया। 3 सितंबर को एक लड़की ने चैट कर उसे एक एप इंस्टाल कर शेयर ट्रेडिंग करने को बोला। अलग-अलग दिनों में आरोपियों द्वारा दिए गए खातों में पैसे डालता रहा। ऑनलाइन पोर्टल पर कमाने वाले पैसे दिखाई भी देते थे जो महज ऑनलाइन थे। वह करीब 40 लाख 44 हजार रुपये लगा चुका था। बेटे से जब पैसे लगाने के लिए बोला तो पता चला कि यह धोखाधड़ी है।
दूसरा मामला
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 9.59 लाख ठगे
शिकायतकर्ता सिटी के सेक्टर-9 अर्बन इस्टेट निवासी संदीप मंगला ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। 16 अगस्त को उसके व्हाट्सएप पर उसने सीए आरबीएल स्टॉक इनरेस्ट ग्रुप का लिंक आया था। शेयर ट्रेडिंग की जानकारी के लिए उससे जुड़ गया था। इसमें 19 अगस्त को अपने खरीदे हुए पुराने शेयर के नुकसान बारे पूछा तो उन्होंने अपने शेयर बेचने के लिए बोला। एक लिंक दिया और वह भी उससे जुड़ गया। झांसे में आने के बाद 29 अगस्त से सितंबर माह तक लाखों रुपये जमा करवाए। इस तरह से साइबर ठग ने नाै लाख 59 हजार ठग लिए। अगस्त माह में जब पैसे मांगे तो उसे ग्रुप से निकाल दिया।