अंबाला सिटी। जिले में पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। अभी तक 74 मामले आ चुके हैं। इनमें से 43 के चालान हो चुके हैं। सोमवार को एक भी मामला पराली जलाने का नहीं आया। वहीं, विभाग की टीम लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। अब पराली जलाने पर एफआईआर भी हो रही हैं। जिले में दो एफआईआर भी किसानों पर दर्ज हो चुकी हैं।
कृषि विभाग ने पराली जलाने वाले 43 गांव को रेड और येलो जोन में रखा है। अंबाला खंड टू के मच्छौंडी गांव को रेड जोन में रखा है, जबकि बाकी 42 गांवों को येलो जोन में रखा है। इन गांव में विभाग टीम की विशेष नजर है। दरअसल, अंबाला जिले में अब तक कुल 74 मामले आ चुके हैं और एक लाख 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं, कृषि विभाग से तकनीकी सहायक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को एक भी केस पराली जलाने का सामने नहीं आया।
इन गांव को रखा रेड और येलो जोन में
अंबाला खंड टू में मच्छौंडी गांव को रेड जोन में रखा है। इसी तरह शहजादपुर खंड के फतेहगढ़, खेड़ा जट्टां, रतौर, अंबाला खंड वन के जनसुआ, सौंटा, भानोखेड़ी, नन्योला, पंजौला, मेहलां, रोशनपुर, कलावड़, बालापुर, छप्परा, काठगढ़, जंधेड़ी, धुरकड़ा, अंबाला खंड टू के घेल, ठरवा, पंजोखरा, बुहावा, कोट कच्छुआ खुर्द, माजरी, मनका, लोहडगढ़, निजामपुर, साहा खंड के चुडियाली, गोला, काकरकुंडा, चुडियाला, लंडा, साहा, बराड़ा खंड के तलहेड़ी रांगड़ा, धनौरा, धन्यौरी, सज्जन माजरी, डुलियानी, डेरा सलीमपुर, सीवान माजरा, उगाला, मुलाना को येलो जोन में रखा है।
डीसी ऑफिस में ज्ञापन साैंपेंगे किसान
किसान प्रशासन की ओर की जा रही कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह डीसी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपेंगी। यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है। पराली जलाने पर किसानों पर एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। सरकार इस प्रभाव से किसानों को दबाना चाहती है। सरकार से निवेदन है कि तुरंत एफआईआर दर्ज करना बंद करें अन्यथा आने वाले समय में किसान सरकारी कार्यक्रमों का विरोध करने पर मजबूर होंगे। सरकार तीन दिन के अंदर किसान का खेत खाली करवा दें, किसान बिना पैसे के पराली उठवाने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि 22 अक्तूबर को किसान डीसी कार्यालय पर सुबह 10 बजे एकत्रित होकर ज्ञापन सौंपेंगे।