अंबाला। चार धाम की यात्रा शुरू हो चुकी है, वहीं, अमरनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा भी कुछ दिनों में शुरु हो जाएगी। ऐसे में ट्रेनों के माध्यम से ऋषिकेश और जम्मू जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसान आंदोलन की वजह से उक्त मार्गाें पर चलने वाली अधिकतर ट्रेनें रद्द हैं और जो चल रही हैं वो भी बदले मार्ग से चल रही हैं। ऐसे में उन्हें सड़क मार्ग से ही गंतव्य पर पहुंचना होगा। गौरतलब है कि किसान आंदोलन से पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से 35 ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश और जम्मूतवी की तरफ हो रहा था, लेकिन किसान आंदोलन के कारण अधिकतर ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा है।
रेलवे से प्राप्त जानकारी अनुसार ऋषिकेश व जम्मू जाने की तरफ आवागमन करने वाली ट्रेन नंबर 14033/34 दिल्ली-कटरा, 22401/02 दिल्ली-उधमपुर, 14815/16 श्रीगंगानगर-ऋषिकेश, 12053/54 अमृतसर-हरिद्वार और 14503/04 कालका-कटरा का संचालन पूर्ण तौर पर रद्द है। वहीं जम्मू की तरफ जाने वाली ट्रेन नंबर 12425, 12445, 12413, 12265,11077,12919, 22461, 12751 का संचालन अंबाला के रास्ते न होकर धूरी-जाखल के रास्ते किया जा रहा है।
जबकि अंबाला से होकर चंडीगढ़-साहनेवाल के रास्ते जम्मूतवी जाने वाली ट्रेन नंबर 12355, 12331, 22439,12471, 22477, 12469, 14611, 22431, 15653, 15097 व 12473 का संचालन किया जा रहा है। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 14661/62 बाड़मेर-जम्मूतवी का संचालन दिल्ली तक, 14887/88 ऋषिकेश-बाड़मेर का संचालन बठिंडा से और ट्रेन नंबर 04501/02 हरिद्वारा-ऊना हिमाचल को अंबाला स्टेशन पर रद्द करके पुन: संचालित किया जा रहा है।
ऋषिकेश के लिए एक, जम्मू के लिए 13 ट्रेनें
मौजूदा समय में अंबाला से ट्रेन नंबर 14610 का संचालन ऋषिकेश की तरफ हो रहा है और इसमें वेटिंग का आंकड़ा 80 के करीब पहुंच गया है। जबकि अंबाला से जम्मू के लिए ट्रेन नंबर 22439 वंदे भारत में 131, 22477 वंदे भारत 88, 12473 में 70, 12355 में 36, 12237 में 49, 22431 में 45, 12331 में 55, 14609 में 79, 13151 में 69, 11077 में 94 और 18101 में 97 की वेटिंग टिकट मिल रही है।
32वें दिन प्रभावित रहीं 138 ट्रेनें
अंबाला-साहनेवाल रेल सेक्शन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइन पर बैठे किसानों की वजह से 32 वें दिन भी 138 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इस कारण 67 ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद्द रखा गया। 59 ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया गया और 12 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित किया।