गृहमंत्री शिकायतें सुनते हुए। संवाद
अंबाला। एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर दो छात्राओं के साथ 30 लाख रुपये की ठगी हो गई। जब दोनों छात्राओं ने परिजनों सहित हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज से गुहार लगाई। गृहमंत्री ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर से बात की और उन्हें कार्रवाई के निर्देश दिए।
गृहमंत्री ने कहा कि बच्चियों के साथ ठगी करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शुक्रवार को अंबाला में गृह मंत्री अनिल विज के आवास पर गुरुग्राम से आई दो छात्राओं ने अपनी शिकायत देते हुए बताया कि गुरुग्राम में संकल्प इनलाइनमेंट एंड सर्विस एजेंसी द्वारा उन्हें एमबीबीएस में दाखिला दिलाने की बात कही गई थी। एजेंसी के मालिक ने उनसे कहा था कि पश्चिम बंगाल में स्थित श्रीराम कृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दुर्गापुर में उनका दाखिला कराया जाएगा।
इसके लिए उनके द्वारा 15-15 लाख रुपये यानी कुल 30 लाख रुपये एजेंसी को दिए गए थे। एजेंसी द्वारा उन्हें यह बताया गया कि उनका एडमिशन हो गया है और वह दुर्गापुर जाकर अपनी कक्षाएं प्रारंभ कर लें। दोनों छात्राओं ने बताया कि जब वह दुर्गापुर पहुंची तो इंस्टीच्यूट द्वारा उन्हें दाखिला देने से इंकार कर दिया गया। उनका आरोप था कि उन्होंने गुरुग्राम में एजेंसी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया, लेकिन इस पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी प्रकार शाहबाद निवासी ने शिकायत देते हुए बताया कि उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर एजेंट ने उससे 5 लाख रुपये की ठगी की है। गृह मंत्री ने कबूतरबाजी के लिए गठित एसआईटी को मामले की जांच के निर्देश दिए। इसी तरह महेशनगर से आई महिला ने रोते हुए गृह मंत्री अनिल विज को बताया कि मामूली विवाद में एक व्यक्ति द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। मंत्री ने मौके पर ही मौजूद अंबाला कैंट के डीएसपी को इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं अंबाला के सुंदर नगर से आई महिला ने बताया कि उसका पति तीन दिन से लापता था और इसके बाद उसके पति का शव बरामद हुआ।