अंबाला। एक मिनट में 30 से 40 जनरल टिकट निकल जाएंगी। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और ट्रेन छूटने का भय भी खत्म हो जाएगा। अंबाला मंडल ने कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर को थर्मल प्रिंटर की सुविधा से लैस कर दिया है। हालांकि, अभी नए प्रिंटर का परीक्षण चल रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को राहत मिली है। वहीं यात्रियों को भी घंटों लाइन में लगने की मुसीबत से छुटकारा मिलेगा।
कंप्यूटर स्क्रीन के साथ अटैच किए गए थर्मल प्रिंटर की गति काफी तेज है। यात्री के टिकट की जानकारी जैसे ही स्क्रीन पर अपलोड की जाती है तो ओके का बटन दबाते ही एक सैकेंड से भी कम समय में टिकट थर्मल प्रिंटर से बाहर आ जाती है। गौरतलब है कि पहले यूटीएस काउंटर पर डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर लगे हुए थे। टिकट से संबंधित जानकारी दर्ज करने के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर ओके और फिर प्रिंट का बटन दबाना पड़ता था। इसके बाद प्रिंटर की मदद से 40 से 50 सैकेंड में टिकट निकलती थी।
अंबाला मंडल को मिलेंगे 110 थर्मल प्रिंटर
जानकारी के अनुसार अंबाला मंडल को 110 थर्मल प्रिंटर मिलेंगे। शुरुआती दौर में परीक्षण के तहत 25 थर्मल प्रिंटर अंबाला मंडल में भेजे गए हैं। इसमें चार प्रिंटर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर, चार बठिंडा स्टेशन पर, चार सहारनपुर, पांच चंडीगढ़, दो शिमला, एक सरहिंद, एक राजपुरा, दो पटियाला, एक कालका और एक रोपड़ रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है।
जनरल टिकट का बदला स्वरुप
डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर से जो जनरल टिकट का प्रिंट निकलता था, उसमें कुछ खामियां थी। थर्मल प्रिंटर से निकल रहे टिकट के प्रिंट बिल्कुल अलग हैं। इसमें सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोड नंबर भी दर्ज किया गया है ताकि किसी प्रकार की गलती की गुंजाइश न रहे। वहीं टिकट को पहले के मुकाबले थोड़ा बड़ा किया गया है ताकि यात्री और टिकट निरीक्षक को सही व स्पष्ट जानकारी मिल सके।
मुख्यालय की तरफ से 25 थर्मल प्रिंटर ट्रायल बेस पर आए हैं। इनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चंद सैकेंड में ही टिकट प्रिंटर से निकल जाती है। इससे यात्रियों के समय की भी बचत हो रही है। कर्मचारियों को भी काफी राहत मिली है। ट्रायल सफल होने के बाद 110 प्रिंटर अंबाला मंडल के अलग-अलग स्टेशनों पर लगा दिए जाएंगे।
-वीरेंद्र कादयान, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।