बीते सोमवार को डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कमिश्नर को बिगड़ती स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। न तो नई लाइटें खरीद गई न ही पुरानी को रिपेयर किया गया। इसी वजह से शाम होते ही ज्यादातर रिहायशी कॉलोनियों में अंधेरा छा जाता है। मेहता ने कहा था कि ऐसे में अराजक तत्व आपराधिक वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो जाते हैं।
इन कॉलोनियों में अंधेरा होने के कारण चोरी, स्नेचिंग, व लूट की वारदातें भी हो रही हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए मेहता ने तुरंत प्रभाव से दो हजार स्ट्रीट लाइटें खरीदे का प्रस्ताव कमिश्नर के समक्ष रखा था, जिससे कि इन लाइटों की खरीद के बाद सभी वार्डों के अंधेरे को दूर किया जा सके। डिप्टी मेयर का कहना था कि स्ट्रीट लाइट का प्रस्ताव सदन में भी पारित हो चुका है।