धान की फसल में तेला बीमारी, अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। कृषि विभाग के एसडीओ डा. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि इन दिनों धान की फसल में कुछ खेतों में पौधों का तेला नामक बीमारी आई हुई है। सफेद पीठ वाला व भूरा तेला पौधों के तने के निचले भाग में रस चूसते हैं। इनके आक्रमण के कारण फसल पीली होकर सूख जाती है। आक्रमण गोलाकार टुकड़ियों में शुरू होता है जोकि धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। इसे हॉपर बर्न के नाम से जाना जाता है। उपमंडल के कई गांवों में इस कीट के लक्षण खेतों में देखने को मिले हैं। एसडीओ ने बताया कि किसान 5-10 हॉपर प्रति पौधा नजर आने पर 330 डस बुप्रोफेजिन या 250 डस डाइक्लोरवास (नूवान) 76 ईसी को 20 किलोग्राम रेत में मिलाकर खड़े पानी में प्रति एकड़ छिड़काव करें। इस कीटनाशकों का छिड़काव पौधे के निचले भाग की तरफ करें। आवश्यकता अनुसार 10 दिन बाद कीटनाशक बदलकर फिर स्प्रे करें।