छावनी के बब्याल स्थित गोगा माड़ी मेले में लड़की से छेड़छाड़ के बाद दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक तरफ डेहा कॉलोनी के सैकड़ों लोग एकजुट हो गए तो दूसरी तरफ गोगा माड़ी कमेटी के सदस्य सहित माथा टेकने वाले भक्तों के बीच जमकर ईंट और पत्थर चले। देखते ही देखते माहौल इस कदर बिगड़ गया कि दोनों पक्षों के करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इतना ही नहीं बीच बचाव करने के लिए आए महेशनगर थाने के सब इंस्पेक्टर बलकार भी जख्मी हो गए, जबकि सब इंस्पेक्टर कर्म सिंह के सिर पर ईंट लगने से वह लहूलुहान हो गए।
विदित हो कि बब्याल गोगा माड़ी पर हर साल की तरह इस बार भी मेला भरा हुआ था और झूलों सहित दर्जनों दुकानें लगी थीं। इस दौरान सभी भक्त माड़ी के अंदर कतारों में लगकर माथा टेक रहे थे। आरोप है कि इस बीच एक युवक द्वारा युवती से छेड़खानी की गई। जैसे ही यह बात गोगा माड़ी कमेटी के सदस्यों को पता लगी तो वे मौके पर पहुंचे और युवक को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। तभी अन्य लोग आ धमके और कहासुनी के बाद मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों पक्षों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद माड़ी क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। मेले में दुकान लगाने वाले भी पत्थरों और ईंटों की चपेट में आ गए और घायल हो गए। वहीं बहुत से दुकानदार मौके से दुकानें बंद कर फरार हो गए। जैसे ही घटना की सूचना कंट्रोल रूम को मिली तो अंबाला कैंट थाना प्रभारी नरेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं सुरक्षा एजेंसियां और सीआईए टू भी मौके पर पहुंची। मशक्कत के बाद पुलिस बल ने दोनों पक्षों को खदेड़कर मामले को शांत करवाया। करीब एक घंटे तक मौके पर माहौल बिगड़ा रहा। खबर लिखे जाने तक वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं मौके से घायलों को छावनी के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डीएसपी रामकुमार ने नागरिक अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
फायरिंग का लगाया आरोप, स्थिति बिगड़ने के लिए पुलिस को बताया जिम्मेदार
गोगामाड़ी पक्ष की ओर से घटनास्थल पर फायरिंग के भी आरोप लगाए गए हैं। मेले के प्रधान का कहना है कि घटना के संबंध में जानकारी देने के बावजूद एक घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
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