30 साल से ऊपर ग्रामीण महिला-पुरुषों का स्वास्थ्य जांचेगा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
सरकार द्वारा बीमारियों से ग्रसित लोगों की पहचान करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में संचारी रोग रोकथाम कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम के तहत जनसंख्या के अनुसार 15 मार्च तक ऐसे 84 हजार लोगों तक आशा कार्यकर्ता और एएनएम पहुंचेंगी और उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों के माध्यम से निशुल्क उपचार दिया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को एडीसी आरके सिंह ने अधिकारियों की बैठक ली और जरूरी निर्देश जारी किए। उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गैर संचारी रोग रोकथाम कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर जाकर रोगियों की पहचान की जा रही है। इस अभियान के तहत पहचान किए गये लोगों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अंबाला शहर, अंबाला छावनी और नारायणगढ़ में विशेषज्ञों के पास इलाज के लिए ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में रहने वाले 30 साल से अधिक आयु के महिला-पुरुषों की शुगर, उच्च रक्तचाप और गंभीर रोगों की प्रारंभिक जांच की जा रही है। तंबाकू व शराब के सेवन, अधिक तनाव, अत्यधिक वजन और अस्वस्थकारी भोजन के कारण व्यक्ति उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी रोग, मधुमेह और अन्य गंभीर रोगों की चपेट में आ जाता है। ऐसे रोगियों की पहचान करके राजकीय अस्पतालों में विशेषज्ञों के माध्यम से उनका निशुल्क इलाज किया होगा। डॉ. संगीता गोयल ने बताया कि जनसंख्या आधारित गैर संचारी रोग (एनसीडी) की प्रारंभिक जांच के लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षित किया गया है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा, विकास एवं पंचायत अधिकारी रेनू जैन, सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम अधिकारी रविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।