बराड़ा (अंबाला)। बराड़ा में इस बार 120 फुट के रावण का दहन होगा। यहां रावण की ऊंचाई देखने के लिए लोग विभिन्न जगहों से भारी संख्या में आते हैं।
आयोजक विक्रम राणा ने बताया कि पहले लोहे की ग्रिल लगाकर रावण की ऊंचाई बढ़ाई जाती थी, लेकिन इस वर्ष केवल बांस के सहारे ही 120 फुट का रावण खड़ा किया है। इसके निर्माण में सैकड़ों टन बांस का प्रयोग किया है। इसके अलावा डिजाइन के लिए कपड़ा लगाया है।
उन्होंने बताया कि रावण दहन के समय आतिशबाजी होगी, इस बार इको फ्रैंडली आतिशबाजी का प्रयोग किया गया, जिससे वातावरण प्रदूषित ना हो। इसके अलावा अलावा रावण दहन के समय रावन के मुंह से चिल्लाने की आवाजें आएंगी और खूब रोशनी होगी।
कार्यक्रम में समाजसेवी रजत मलिक के हाथों रावण दहन की रस्म निभाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि पहले यहां रिमोट के द्वारा रावण दहन किया जाता रहा है, लेकिन इस बार रावण बनाने वाले तजिंद्र चौहान अन्य स्थानों पर रावण बनाने में बिजी हैं। विक्रम राणा ने कहा कि यदि तजिंद्र चौहान यहां जल्दी आ जाते हैं तो इस बार भी रावण दहन रिमोट के द्वारा ही किया जाएगा।
वहीं, प्रसिद्ध दशहरा महोत्सव कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार सांय प्रसिद्ध सूफी गायक मानक अली ने अपने गीतों से लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी सोनी कोचर ने किया। आयोजक विक्रम राणा ने बताया कि हर वर्ष बराड़ा में दशहरा पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में विभिन्न कलाकार लोगों का मनोरंजन करते हैं और दशहरे वाले दिन रावण दहन किया जाता है।
बराड़ा का दशहरा महोत्सव देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां सबसे ऊंचे रावण स्थापित करने का रिकॉर्ड है। मशहूर समाजसेवी एवं मूर्तिकार तजिंद्र चौहान यहां कई बड़े रावण बनाकर रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं, लेकिन यहां जगह की कमी के कारण अब रावण की ऊंचाई ज्यादा नहीं कर सकते। फिर भी वह यहां के दशहरा महोत्सव और रावण दहन की प्रथा को जिंदा रखने का काम कर रहे हैं। दशहरा महोत्सव में पहुंचे सूफी गायक मानक अली को सुनने के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ी।