गुजरात के वडोदरा की रहने वाली उषा लोदया ने 67 की उम्र में पीएचडी प्राप्त कर युवाओं के लिए प्रेरणादायी काम किया है।
इस उपलब्धि के मौके पर उन्होंने बताया कि मेरे माता-पिता चाहते थे कि शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाई, क्योंकि मुझे अपने परिवार पर ध्यान देना पड़ा, लेकिन अब मैं संतुष्ट हूं। मुझे मेरे गुरुजी ने तीन साल के स्नातक कोर्स के लिए प्रेरित किया। उषा लोदया ने कहा कि मैं अपने बच्चों से कहती हूं कि कभी उम्मीद न खोएं। मेरी बहू ने मेरी पढ़ाई में काफी मदद की।