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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: जंगल के राजा का आशियाना बन रहा गोरखपुर चिड़ियाघर, गोरक्षनगरी का वातावरण है इनके अनुकूल

Mon, 29 Jul 2024 11:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

चिड़ियाघर का शुभारंभ 2021 में हुआ था। उस समय यहां बाघ अमर कानपुर चिड़ियाघर से लाया गया था। बाघिन मैलानी को मैलानी से रेस्क्यू कर लखनऊ चिड़ियाघर में रखा गया था। बाद में इसे गोरखपुर लाया गया। सफेद बाघिन गीता का जन्म दिल्ली में हुआ था जिसे बाद में लखनऊ में रखा गया था। 2022 में इसे गोरखपुर लाया गया। वहीं, 2023 में मैलानी से बाघिन शक्ति को रेस्क्यू कर गोरखपुर लाया गया था। शक्ति को छोड़कर बाकी सभी बाघों को दर्शक देख सकते हैं।
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चिड़ियाघर के बाघ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) धीरे-धीरे जंगल के राजा बाघ का आशियाना बनता जा रहा है। बाघों को यहां संरक्षित किया जा रहा है। यहां पर इनकी संख्या चार हो गई है, जिसमें से तीन को दर्शक भी देख सकते हैं। जबकि एक अभी रेस्क्यू सेंटर में है।

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चिड़ियाघर का शुभारंभ 2021 में हुआ था। उस समय यहां बाघ अमर कानपुर चिड़ियाघर से लाया गया था। बाघिन मैलानी को मैलानी से रेस्क्यू कर लखनऊ चिड़ियाघर में रखा गया था। बाद में इसे गोरखपुर लाया गया। सफेद बाघिन गीता का जन्म दिल्ली में हुआ था जिसे बाद में लखनऊ में रखा गया था।

2022 में इसे गोरखपुर लाया गया। वहीं, 2023 में मैलानी से बाघिन शक्ति को रेस्क्यू कर गोरखपुर लाया गया था। शक्ति को छोड़कर बाकी सभी बाघों को दर्शक देख सकते हैं।
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गोरक्षनगरी के माहौल में ढला अमर
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बाघों के लिए गोरक्षनगरी का वातावरण अनुकूल है। इसीलिए वह यहां ढल गए हैं। उनके बाड़ों में तालाब, मचान और जंगल का एहसास कराने के लिए गुफा बनाई गई है।

 

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अलग-अलग अंदाज में चिड़ियाघर के बाघ और बाघिन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गर्मी के समय अमर तालाब में नहाने पहुंच जाता है तो कभी मचान पर चढ़ जाता है। दर्शक भी अमर की गतिविधियों को काफी ध्यान से देखते हैं। बाघों को गर्मी न लगे इसके लिए उनके बाड़े में एसी और कूलर की व्यवस्था की गई है। वहीं, सर्दियों में हीटर की भी व्यवस्था है।

अकेले उदास रहती है शक्ति
मैलानी से रेस्क्यू कर आई शक्ति अभी चिड़ियाघर के अस्पताल के बाड़े में है। छोटी उम्र में ही वह मां से बिछड़ गई। अस्पताल में वह खुद को अकेले महसूस करती है। वहीं, दूसरे वन्यजीवों को जोड़े में देखकर उदास हो जाती है।

सफेद बाघ लाने की तैयारी
डॉ. योगेश ने बताया कि सफेद बाघिन गीता सात साल की हो गई है। वह ब्रीडिंग के लिए तैयार है, लेकिन चिड़ियाघर में अभी कोई सफेद बाघ नहीं है। ऐसे में एक सफेद बाघ लाने की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही किसी चिड़ियाघर से संपर्क किया जाएगा। बात बनी तो दर्शकों को एक और बाघ देखने को मिल सकता है।
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